
PMCH Patna Hospital: बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और मरीजों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने मंगलवार को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के नवनिर्मित अस्पताल भवन टॉवर-3 में स्थानांतरित नए रेडियोलॉजी विभाग का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभाग का निरीक्षण कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और मरीजों को बेहतर एवं त्वरित जांच सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सरकारी अस्पतालों में ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है, जहां मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं, आधुनिक जांच सुविधाएं और समय पर उपचार एक ही परिसर में उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि पीएमसीएच को देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में लाने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर
शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों को और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करनी चाहिए ताकि मेडिकल छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
साथ ही अस्पतालों में स्थापित आधुनिक एवं महंगे चिकित्सा उपकरणों को शीघ्र क्रियाशील बनाने तथा आवश्यक दवाओं की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकों से ओपीडी में नियमित उपस्थिति दर्ज कराने और मरीजों को संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की अपील की।
मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर बल देते हुए कहा कि मरीजों को साफ-सुथरा वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने बेडशीट के नियमित परिवर्तन, पौष्टिक भोजन की उपलब्धता, आईसीयू की साफ-सफाई, निर्बाध बिजली आपूर्ति तथा सुरक्षा कर्मियों द्वारा मरीजों एवं परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा अस्पताल परिसर में ट्रॉली, व्हीलचेयर और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर रोक लगाने को कहा।
पीएमसीएच में चल रही हैं कई बड़ी परियोजनाएं
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पीएमसीएच में संचालित और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि संस्थान में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
प्रमुख परियोजनाएं
| परियोजना | स्थिति |
|---|---|
| स्पाइन एवं नर्व स्पेशियलिटी यूनिट | स्थापना की प्रक्रिया में |
| 5400 बेड क्षमता वाला नया अस्पताल भवन | निर्माणाधीन |
| आधुनिक ट्रॉमा सेंटर | विकसित किया जा रहा |
| अत्याधुनिक स्वचालित प्रयोगशाला | प्रस्तावित/विकासाधीन |
| अतिरिक्त ट्रॉली एवं व्हीलचेयर | उपलब्धता बढ़ाई जा रही |
| डिजिटल बेड डिस्प्ले सिस्टम | विकसित किया जा रहा |
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पीएमसीएच की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार आएगा और मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
समीक्षा बैठक में व्यवस्थाओं की हुई गहन समीक्षा
कार्यक्रम के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने पीएमसीएच के अधीक्षक कार्यालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अस्पताल की विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, संसाधनों और व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि मरीजों की सुविधाओं से जुड़े सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जाए और अस्पताल की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
एनआईसीयू, पीआईसीयू, कैथ लैब और सीसीयू का किया निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने शिशु रोग विभाग के एनआईसीयू (NICU) एवं पीआईसीयू (PICU) वार्ड का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नवजात एवं गंभीर रूप से बीमार बच्चों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
इसके बाद उन्होंने कैथ लैब (Cath Lab), कोरोनरी केयर यूनिट (CCU), दवा वितरण केंद्र तथा सर्जिकल दवा भंडार का भी निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों के स्टॉक और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।
मरीजों और परिजनों से किया संवाद
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड के बाहर भी लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट कहा कि अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा बिचौलियों की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जानी चाहिए।
कार्यक्रम एवं निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन, पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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