छपरा। करीब एक दशक पुराने हत्या मामले में सारण पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और न्यायालय में समर्पित आरोप पत्र के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला मढ़ौरा थाना कांड संख्या 344/16 से जुड़ा है, जो 20 जुलाई 2016 को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दर्ज किया गया था। इस मामले का सत्रवाद संख्या 549/17 के रूप में न्यायालय में विचारण चल रहा था।
सारण पुलिस के अनुसार, मामले में प्राथमिकी अभियुक्त पशुराम राय, पिता स्वर्गीय रामप्रवेश राय, निवासी बरढ़हिया टोला पिपरपाती, थाना मढ़ौरा, जिला सारण के खिलाफ पुलिस ने साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया था। मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को हत्या के मामले में दोषी पाया।
10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया
माननीय एडीजे-12, सारण (छपरा) अंजली कुमार गोंड की अदालत ने दोषी पशुराम राय को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि दोषी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।इस फैसले को हत्या जैसे गंभीर अपराधों में पुलिस अनुसंधान, साक्ष्य संकलन और आरोप पत्र के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया के मुकाम तक पहुंचने की महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।