बीपीएससी 70वीं परीक्षा की वायरल हो रही कॉपी पूरी तरह फर्जी : बीपीएससी
बीपीएससी की अब सभी परीक्षाएं दो चरण में होगी संपन्न

पटना। बीपीएससी 70वीं परीक्षा की सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कॉपी को आयोग ने पूरी तरह फर्जी बताया है। आयोग के सचिव हेमंत कुमार सिंह की उपस्थिति में परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने वास्तविक कॉपी दिखाते हुए कहा कि आयोग को बदनाम करने के लिए फर्जी कॉपी वायरल की जा रही है। आयोग पर जो फर्जी आरोप लगाए गए हैं, वह पूरी तरह निराधार है। छात्रों को कॉपी उनके आईडी में भेज दी जाएगी। परीक्षा नियंत्रक सोमवार को बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बीपीएससी की सभी परीक्षाएं दो स्टेज में कराने का निर्णय लिया गया है। सभी परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग होगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दो स्टेज में परीक्षा कराने वाला बिहार ही पहला राज्य नहीं है। यूपीएससी, यूपीपीसीएस सहित अन्य राज्यों में भी सभी परीक्षाएं दो से तीन स्टेज में कराई जाती है। उसमें जो चयन होता है वह अपने पढ़ाई के बल पर होता है।
श्री सिंह ने कहा कि कुछ लोगों के स्तर से हिन्दी और अंग्रेजी माध्यम की गलत भ्रांतियां फैलायी जा रही है कि हिंदी वालों को कम नंबर और अंग्रेजी वालों को अधिक नंबर दिया जाता है। यह आरोप पूरी तरह निराधार है। इसमें किसी के साथ भेद-भाव नहीं किया जाता है। बीपीएससी में सभी बराबर है। उन्होंने कहा कि अधिक और कम मार्किंग करने का भी आरोप लगाए जा रहे हैं, जो सही नहीं है। कॉपी जांचने के दौरान जो सही उत्तर होता है उसका नंबर दिया जाता है।
टीआरई-4 के लिए अक्टूबर में जारी हो सकती है परीक्षा की तिथि
परीक्षा नियंत्रक श्री सिंह ने टीआरई-4 के बारे में कहा कि 1 से 30 सितंबर 2026 तक आवेदन जमा करने की तिथि निर्धारित की गई है। दिसंबर या जनवरी में परीक्षा संपन्न कराई जा सकती है। इसके लिए अक्टूबर में परीक्षा की तिथि जारी होने की संभावना है। 31 दिसंबर तक जो भी अधियाचना आएगी उसे भी इसमें शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पांच लाख से कम आवेदक होने पर तीन बार में परीक्षा आयोजित की जाएगी। अगर इससे अधिक आवेदक होंगे तो छह बार में परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा के दौरान 10 से 15 मिनट अतिरिक्त समय देने का मामला अभी विचाराधीन है। टीआरई-4 की पीटी और मेंस में आब्जेक्टिव प्रश्न होंगे।
डोमिसाइल देना और नहीं देना सरकार का काम
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि डोमिसाइल देना और नहीं देना यह सरकार का मामला है। इसमें आयोग कुछ नहीं कर सकता है। हालांकि बीपीएससी द्वारा आयोजित किये जाने वाले परीक्षाओं में 72 फीसदी बिहार के ही छात्र रहते हैं। उन्होंने बताया कि अब व्यवस्था पूरी तरह बदल चूकी है। उत्तर की गुणवत्ता पर ही अब अच्छे नंबर मिलते हैं।
केस निष्पादन के बाद सहायक इंजीनियर का जारी होगा रिजल्ट
आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बीपीएससी के स्तर से एक वर्ष पूर्व असिस्टेंट इंजीनियर की परीक्षा ली गई थी। यह मामला कोर्ट में चला गया। अभी तक केस विचाराधीन होने के कारण इसका रिजल्ट जारी नहीं हो सका। बहुत जल्द केस का निष्पादन कराने का प्रयास किया जा रहा है। कोर्ट से मामले का निष्पादन होने के बाद रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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