क्राइमबिहार

Bihar Crime News: बिहार में 3 अपराधियों को मिली फांसी की सजा, 124 को अभियुक्तों को उम्रकैद

बिहार पुलिस का ‘सजा अभियान’

पटना। अपराधियों को सिर्फ गिरफ्तार करना ही नहीं, बल्कि मजबूत अनुसंधान, समय पर आरोप-पत्र और प्रभावी पैरवी के जरिए उन्हें अदालत से सजा दिलाना भी बिहार पुलिस की प्राथमिकता में शामिल है। इसी कड़ी में जुलाई माह में बिहार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राज्य में अलग-अलग गंभीर आपराधिक मामलों में तीन अभियुक्तों को मृत्युदंड, जबकि 124 अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, जुलाई में आर्म्स एक्ट के मामलों में भी सजा दिलाने की रफ्तार जून की तुलना में दोगुनी रही।

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में दो अलग-अलग जघन्य मामलों में तीन अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई गई। इनमें रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में मुख्य अभियुक्त को मृत्युदंड दिया गया। वहीं, मधुबनी जिले के घोघरडीह थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के कारण दो बच्चों की निर्मम हत्या के मामले में एक महिला और उसके सह-अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई गई।

10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या में फांसी

रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में एक 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मुख्य अभियुक्त बलराम सिंह उर्फ बलिराम सिंह को सासाराम स्थित एडीजे-7 के न्यायालय ने दोषी पाते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के महज 15 दिनों के भीतर आरोप-पत्र समर्पित कर दिया गया था। त्वरित अनुसंधान और साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ी और आरोपी को सजा सुनाई गई।

प्रेम प्रसंग में दो बच्चों की हत्या, दो को फांसी

दूसरा मामला मधुबनी जिले के घोघरडीह थाना क्षेत्र का है। यहां प्रेम प्रसंग के कारण अपने ही दो बच्चों की निर्मम हत्या कर शवों को नदी में फेंकने के मामले में एक महिला और उसके सह-अभियुक्त जय प्रकाश मंडल को दोषी पाया गया। झंझारपुर के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई।

जुलाई में 124 अपराधियों को उम्रकैद

जुलाई माह में विभिन्न आपराधिक मामलों में 124 अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अलावा 35 अपराधियों को 10 वर्ष या उससे अधिक की सजा मिली, जबकि 204 आरोपियों को 10 वर्ष से कम और 256 को दो वर्ष से कम की सजा सुनाई गई।वहीं 14,518 आरोपियों को जुर्माना अथवा बॉन्ड भरवाकर छोड़ा गया।

जुलाई में सजा का आंकड़ा

सजा का प्रकारजुलाई में संख्या
मृत्युदंड3
आजीवन कारावास124
10 वर्ष या उससे अधिक35
10 वर्ष से कम204
2 वर्ष से कम256
जुर्माना/बॉन्ड पर छोड़े गए14,518

आर्म्स एक्ट में सजा की रफ्तार दोगुनी

अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में भी जुलाई के दौरान सजा दिलाने की रफ्तार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जून में आर्म्स एक्ट के 49 मामलों में सजा दिलाई गई थी, जबकि जुलाई में यह संख्या बढ़कर 98 मामलों तक पहुंच गई। यानी एक महीने के भीतर आर्म्स एक्ट के मामलों में सजा दिलाने की रफ्तार दोगुनी हो गई।

इसी तरह आजीवन कारावास के मामलों में भी वृद्धि हुई है। जून में 108 मामलों में आजीवन कारावास की सजा दिलाई गई थी, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा बढ़कर 124 हो गया।

जनवरी से जुलाई तक 1.15 लाख से अधिक आरोपियों पर कार्रवाई

वर्ष 2026 के जनवरी से जुलाई तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिहार पुलिस ने विभिन्न मामलों में बड़ी संख्या में आरोपियों के खिलाफ सजा सुनिश्चित कराई है। सात महीनों के दौरान 5 अभियुक्तों को फांसी और 785 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

जनवरी से जुलाई 2026 तक सजा का आंकड़ा

सजा का प्रकारअभियुक्तों की संख्या
मृत्युदंड5
आजीवन कारावास785
10 वर्ष या उससे अधिक378
10 वर्ष से कम1,169
2 वर्ष से कम1,647
जुर्माना/बॉन्ड पर छोड़े गए1,11,019
कुल1,15,003

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, अपराधियों को सजा दिलाने में तेजी के पीछे मामलों में समय पर अनुसंधान पूरा करना, आरोप-पत्र दाखिल करना, गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना और अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर समन्वय प्रमुख कारण हैं। पुलिस का जोर अब केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि मजबूत साक्ष्य और प्रभावी कानूनी प्रक्रिया के जरिए मामलों को अदालत में अंजाम तक पहुंचाने पर भी है।

Author Profile

Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Related Articles

Back to top button