बिहार में 6 IAS अधिकारियो का तबादला, चंद्रशेखर फिर से पटना के DM बने

पटना। राज्य सरकार ने कई आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। पटना के डीएम शीर्षत कपिल अशोक का भी ट्रांसफर कर दिया है। सरकार ने कुल 6 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है
राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के मुताबिक चंद्रशेखर सिंह को पटना का फिर से डीएम बनाया गया है। चंद्रशेखर पहले भी इसी पद पर थे। बाद में उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव बनाकर शीर्षत कपिल अशोक को पटना का डीएम बनाया गया था। सरकार ने अब एक बार फिर चंद्रशेखर सिंह को पटना के डीएम पद की जिम्मेदारी सौंपी है
वही पटना के मौजूदा डीएम शीर्षत कपिल अशोक को बिहार राज्य पथ निर्माण निगम में एमडी बनाया गया है। वे पथ निर्माण विभाग में विशेष सचिव के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौंटे हिमांशू शर्मा को जिविका का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे एक और अधिकारी निलेश रामचंद्र देवरे को नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में प्रबंध निदेशक बनाया गया है। वे ब्रेडा और बिहार राज्य संचरण कंपनी के एमडी के भी चार्ज में रहेंगे। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के एमडी आदित्य प्रकाश को स्वास्थ्य विभाग में अपर सचिव बनाया गया है।
राज्य सरकार ने छतीसगढ़ से कैडर बदलवा कर बिहार आए आईएएस अधिकारी लक्ष्मण तिवारी की भी पोस्टिंग कर दी है। उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में ओएसडी के पद पर तैनात किया गया है।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- August 16, 2026क्राइमChhapra Crime News: सारण में हुई रोहित हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
- August 16, 2026बिहारSmart Meter Rollout: बिहार में 1.30 करोड़ और उपभोक्ताओं के घर लगेगा स्मार्ट प्रीपेड मीटर
- August 15, 2026क्राइमसारण में बोलबम की आड़ में अंतरजिला शराब तस्करी का भंडाफोड़, लाखों की अंग्रेजी शराब के साथ 8 गिरफ्तार
- August 15, 2026छपराट्रायल में ही फेल हुआ रिविलगंज का विद्युत शवदाह गृह, करोड़ों की योजना, पहला टेस्ट में ही फेल



