बिहार में हाईवे पर पेट्रोलिंग दुरुस्त कर दुर्घटना कम करने की कवायद, मृत्यु दर 50 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य
बिहार पुलिस ने 119 पेट्रोलिंग वाहनों की खरीद की

पटना। राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बहाल करने के साथ ही विजन 2030 के तहत सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मृत्यु दर को 50 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके मद्देनजर बिहार पुलिस की तरफ से राष्ट्रीय राजमार्गों पर गश्ती की व्यवस्था की गई है। इसके लिए विशेष राष्ट्रीय राजमार्ग गश्ती वाहन की तैनाती की गई। इस व्यवस्था का संचालन सुचारू तरीके से करने के लिए 1560 मानव बल की स्वीकृति प्रदान की गई है। ताकि चौबीस घंटे पेट्रोलिंग हो सके। इन गश्ती वाहनों को अत्याधुनिक 4डी स्पीड रडार समेत ऐसे अन्य उपकरणों से भी लैस किया गया है।
इन वाहनों को डायल 112 से समायोजित कराया जाएगा। यह राजमार्गों पर सड़क दुर्घटना की स्थिति में फर्स्ट रिस्पांडर (दुर्घटना की स्थिति में सबसे पहले प्रतिक्रिया करने वालों में) के रूप में भूमिका अदा करेगा। ये वाहन एनएच पर सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को शुरुआती के कुछ घंटों यानी गोल्डेन ऑवर में अस्पतालों में भर्ती कराना, राजमार्गों पर निर्बाध आवागमन, राजमार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखना, प्रवर्तन समेत अन्य कार्यों में मदद करेगा।
एनएच पर गश्ती के लिए 119 वाहन किए गए तैनात
राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में सर्वाधिक करीब 44 फीसदी घटनाएं एनएच पर ही होती हैं। इसका मुख्य कारण अप्रभावी प्रवर्तन और आपातकालीन प्रतिक्रिया रहा है। इसका ध्यान रखते हुए राज्य के जिन एनएच में सर्वाधिक दुर्घटनाएं होती हैं, वहां वाहन गश्ती की खासतौर से व्यवस्था की है। एनएच के करीब 3 हजार किमी की लंबाई में 119 वाहनों की तैनाती खासतौर से की गई है। यानी प्रत्येक 50 किमी की दूरी पर एक-एक वाहन की औसतन तैनाती की गई है।
इससे समुचित तरीके से पेट्रोलिंग हो सकेगी। 1560 मानव बल की तैनाती भी इस कार्य में की गई है। इन वाहनों की तैनाती दो चरणों में की गई है। पहले चरण में 61 वाहन तैनात किए गए थे। इसके दूसरे चरण में 58 गश्ती वाहनों की तैनाती की गई है। हाल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन वाहनों का लोकार्पण किया है।
वाहन में लगाए गए अत्याधुनिक उपकरण
इन पेट्रोलिंग वाहनों में अत्याधुनिक 4डी स्पीड रडार भी लगाए गए हैं, ताकि तेज गति से गुजरने वाले वाहनों की गति की जांच की जा सके। अत्याधिक तेज गति से वाहन चलाने वालों पर इसकी मदद से कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा इनमें एविडेंस कैमरा युक्त ऑटोमेटिक ई-चालान की सुविधा भी है। आपात स्थिति में गैस कटिंग मशीन, ट्रैफिक कोन, फोल्डेबल स्ट्रेचर समेत अन्य उपकरणों से भी इसे सुसज्जित किया गया है। ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में इस गश्ती वाहन से ही शुरुआती मदद मुहैया कराई जा सके।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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