Saran Flood Alert: गंडक के बढ़ते जलस्तर से सारण में हाई अलर्ट, डीएम-एसएसपी ने तटबंध की परखी सुरक्षा
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ी

छपरा। नेपाल में लगातार हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सारण जिला प्रशासन ने तटबंधों की सुरक्षा और संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने मंगलवार को संयुक्त रूप से सारण तटबंध का निरीक्षण कर संवेदनशील स्थलों की स्थिति देखी। करीब 80 किलोमीटर लंबे सारण तटबंध के किलोमीटर 40 से 80 के बीच मकेर, अमनौर और तरैया प्रखंड क्षेत्रों में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संभावित रिसाव, कमजोर हिस्सों और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। दूसरी ओर, पानापुर के रामपुर रुद्र स्थित रिंग बांध पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है और सुरक्षा के लिए करीब 100 से 200 सैंडबैग उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू की गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार, गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है। तटबंधों की लगातार निगरानी, नियमित पेट्रोलिंग, जरूरत पड़ने पर तत्काल मरम्मती और सुरक्षा सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मकेर, अमनौर और तरैया क्षेत्र में तटबंध की पड़ताल
जिलाधिकारी ने सारण तटबंध के किलोमीटर 40 से 80 के बीच विभिन्न संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान तटबंध की मौजूदा स्थिति, संभावित कमजोर हिस्सों और जल रिसाव की आशंका वाले स्थानों की स्थिति जानी गई।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि तटबंध के किसी भी हिस्से में कमजोरी, कटाव या रिसाव की सूचना मिलते ही बिना समय गंवाए आवश्यक निरोधात्मक और मरम्मती कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही तटबंध की नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी लगातार जारी रखने को कहा गया है।
जियोबैग, बालू और बोरों का स्टॉक पहले से रखने का निर्देश
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अभियंताओं को संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में जियोबैग, बालू, बोरा और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि कहीं भी अचानक तटबंध पर दबाव बढ़ने या रिसाव की स्थिति सामने आए तो बचाव कार्य के लिए आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को संभावित स्थिति के अनुरूप तैयारी पहले से पूरी रखने को कहा, ताकि आपात स्थिति में कार्रवाई में देरी न हो।
रामपुर रुद्र के रिंग बांध पर विशेष सतर्कता
पानापुर थाना क्षेत्र के रामपुर रुद्र गांव स्थित रिंग बांध पर भी जिला प्रशासन ने विशेष निगरानी बढ़ाई है। प्रशासन के अनुसार, बांध पर तीन स्थानों पर छोटे स्तर के रिसाव की संभावना दिखाई दी है। एहतियाती कदम के तौर पर करीब 100 से 200 सैंडबैग मंगाए जा रहे हैं।
प्रशासन के मुताबिक इस इलाके में करीब 40 से 50 घरों के संभावित रूप से प्रभावित होने की आशंका है। इसलिए समय रहते बालू की बोरियां उपलब्ध कराकर बांध को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को मौके पर लगातार निगरानी बनाए रखने तथा स्थिति के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
हैजलपुर में रिसाव पर भी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान हैजलपुर के समीप तटबंध के नीचे पानी के रिसाव की सूचना भी सामने आई। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल की ओर से तत्काल कार्रवाई करते हुए रिसाव को नियंत्रित कर पानी के बहाव को रोकने का प्रयास किया गया है। संबंधित स्थल पर मरम्मती कार्य जारी है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरम्मती पूरी होने तक स्थल की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी नए रिसाव या कमजोर स्थिति की जानकारी मिलने पर तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं।
नावों की व्यवस्था, बैनर लगाकर होगी पहचान
संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों की आवाजाही और सुरक्षित निष्क्रमण के लिए संबंधित अंचलाधिकारियों को पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने नावों पर स्पष्ट बैनर या पोस्टर लगाने को कहा है, ताकि ग्रामीण आसानी से पहचान सकें कि कौन-सी नाव जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई है। नाव संचालन के लिए आवश्यक कर्मियों की प्रतिनियुक्ति और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
प्रभावित आबादी के लिए पहले से तैयार रहे निष्क्रमण योजना
संभावित जलभराव को देखते हुए संवेदनशील गांवों और क्षेत्रों की पहचान कर वहां की आबादी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए पूर्व कार्ययोजना तैयार रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि जरूरत पड़ने पर लोगों को बिना देरी के सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके। इसके लिए राहत स्थलों की पहचान, आवागमन की व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को सक्रिय रखने पर जोर दिया गया है।
मवेशियों की सुरक्षा पर भी ध्यान
प्रशासन ने केवल ग्रामीण आबादी ही नहीं, बल्कि मवेशियों की सुरक्षा के लिए भी तैयारी रखने का निर्देश दिया है। संभावित बाढ़ की स्थिति में पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान, तिरपाल और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि प्रभावित परिवारों को अपने पशुधन को लेकर परेशानी न हो।
सामुदायिक रसोई, पेयजल और स्वच्छता की तैयारी
बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक रसोई की व्यवस्था तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। राहत स्थलों पर पर्याप्त भोजन के साथ पेयजल, प्रकाश और स्वच्छता की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन की ओर से तटबंध क्षेत्र में गृह रक्षकों की नियमित पेट्रोलिंग कराने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति या तटबंध से जुड़ी समस्या की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सके।
24 घंटे निगरानी, स्थानीय सूचना तंत्र सक्रिय
जिला प्रशासन की ओर से गंडक नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखने की व्यवस्था की गई है। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों, कर्मियों और चौकीदारों को सतर्क रखने के साथ पंचायत स्तर तक सूचना तंत्र सक्रिय करने पर जोर दिया गया है।
प्रशासन का निर्देश है कि संभावित जलवृद्धि की स्थिति में किसी भी तरह की सूचना को नजरअंदाज न किया जाए। स्थानीय लोगों से मिलने वाली जानकारी पर भी तत्काल सत्यापन और आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों से अफवाहों से बचने की अपील
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर अफवाहों पर भरोसा न करें। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने तथा आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन को तुरंत जानकारी देने को कहा गया है।
जिला प्रशासन की प्राथमिकता तटबंधों की सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ संभावित रूप से प्रभावित आबादी को समय रहते सुरक्षित करना है। गंडक के जलस्तर में किसी भी बदलाव को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा कार्य लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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