बिहार

बिहार में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विशेष हाईड्रोजन नीति तैयार, 30 एजेंडों पर लगी मुहर

कैबिनेट की बैठक में बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप को दी गई स्वीकृति

पटना। राज्य सरकार हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में बड़ी पहल करने जा रही है। इसके अंतर्गत बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप की स्वीकृति प्रदान की गई। इसका मुख्य उदेश्य ऊर्जा की मौजूदा जरूरत को 50 फीसदी तक कम करते हुए इसे पारंपरिक स्रोत पर आश्रित बनाना है। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता को कम करने और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित अहम प्रस्ताव पर मुहर लगी। मंत्रिमंडल की बैठक में 30 प्रस्तावों पर मुहर लगी।

सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव ने दी जानकारी

मंत्रिमंडल में लिए गए सभी महत्वपूर्ण निर्णयों के बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह कवायद की गई है। राज्य में पहली बार जारी बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 केंद्र सरकार की राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की ही कड़ी है। हाइड्रोजन आधारित 2.5 गिगावाट ऊर्जा तैयार करने की तैयारी है। इसमें 16 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और 12 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इसके लिए नोडल एजेंसी ब्रेडा (बिहार रिन्यूवल एनर्जी डेवलेपमेंट एजेंसी) को बनाया गया है।

2554 कृषि फिडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जायेगा

ऊर्जा के क्षेत्र में कैबिनेट की बैठक में लिए गए एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत राज्य के वित्तीय हित, किसानों की आय में वृद्धि और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अहम पहल की गई है। सौर ऊर्जा से शेष 2554 कृषि फिडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए 2585 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 1 करोड़ 5 लाख रुपये प्रति मेगावाट की दर से अनुदान दी जाएगी, जिसके लिए 2 हजार 714 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। 946 विद्युत उप-केंद्रों में योजना के क्रियान्वयन पर ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन के लिए 47 करोड़ 30 लाख रुपये की राशि देने के लिए 2 हजार 761 करोड़ 55 लाख रुपये के अनुदान की स्वीकृति दी गई है।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के तहत आने वाले कैमूर और रोहतास जिलों के 177 बसावटों (132 गांवों) के 21 हजार 644 घरों को ग्रिड से जोड़कर बिजली पहुंचाने के लिए पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत 117 करोड़ 80 लाख रुपये की योजना में 351 करोड़ 85 लाख रुपये स्वीकृत की गई है।

पटना में आवासीय कॉलोनी होगी विकसित

कैबिनेट में नगर विकास एवं आवास विभाग से संबंधित एक अन्य अहम निर्णय के तहत पटना के बहादुरपुर सेक्टर-6 में मौजूद बिहार राज्य आवास बोर्ड की जर्जर आवासीय कॉलोनी के स्व-वित्तपोषित पुनर्विकास के लिए एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (इंडिया) लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन करने पर सहमति बनी। इसके अतिरिक्त बहादुरपुर के सेक्टर-5 (टीवी टॉवर के निकट) आवास बोर्ड की 8.5 एकड़ भूखंड पर भी इसी योजना के तहत आवासीय संरचना का विकास किया जाएगा।

बिहार विधिक माप विज्ञान (जीएटीसी) नियमावली, 2026 की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह नियमावली जल मीटर, क्लिनिकल थर्मामीटर, मापन टेप, लोड सेल, बीम स्केल समेत ऐसे अन्य सभी पर लागू होगा। इससे पूरे देश के अनुरूप बिहार विधिक माप विज्ञान (जीएटीसी) नियमावली, 2026 माप-तौल नियमों से माप-तौल का सत्यापन एवं मुहरांकन थर्ड पार्टी से कराया जाएगा। यह नियमावली सभी वर्गों के उपक्रमों या सभी वर्गों की बिक्रीत, वितरित या हस्तांतरित वस्तुएं या सभी तरह की सेवा समेत अन्य पर लागू होगा।

वाटर कैनन और वज्र वाहन की होगी खरीद

राज्य में कानून-व्यवस्था को नियंत्रण एवं सुदृढ़ करने के लिए 30 वाटर कैनन की खरीद के लिए प्रति वाहन 88 लाख की दर से 26 करोड़ 40 लाख रुपये तथा 86 नए वज्र वाहन की खरीद के लिए 42 लाख रुपये की दर से 36 करोड़ 12 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इनकी मदद से त्योहारों, मेलों, चुनावी रैलियों, छात्र आंदोलन समेत अन्य कई महत्वपूर्ण अवसरों पर विधि-व्यवस्था को बनाए रखने में काफी मदद मिलेगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को पोषणयुक्त खाद्य मिलेगा

सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को पारंपरागत शुष्क राशन के स्थान पर रेसिपी आधारित सुदृढ़ीकृत एवं पोषणयुक्त खाद्य उत्पादन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए कॉम्फेड को क्रियान्वयन एजेंसी नामित की गई है। गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली लागू की जाएगी।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रगति यात्रा के अंतर्गत मुंगेर के अंतर्गत तारापुर बाईपास पथ, वंशीपुर (एसएच-22 के 18वें किमी) से बिहमा (एसएच-22 के 22वें किमी) तक भाया धोबई, गोगाचक, तेलडीह मंदिर, मोहनगंज (कुल लंबाई 7 किमी) तक कार्य के लिए 115 करोड़ 90 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं, पटना में मीठापुर महुली एलिवेटेड पथ से 2 लेन डॉउन रैम्प एवं परसा-संपतचक पथ में 2 लेन एट ग्रेड पथ का निर्माण कार्य कराने के लिए 82 करोड़ 25 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

पथ निर्माण विभाग से एनओसी लेना जरूरी

श्री चौधरी ने कहा कि पथ निर्माण विभाग के स्वामित्व वाली सड़कों और भूखंडों पर बिजली आपूर्ति, जलापूर्ति, टेलीफोन लाइन या केबुल या ऑप्टिकल फाइबर केबुल, सिवर लाइन, गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र निर्गत करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद के स्तर से स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के लिए दूरसंचार (मार्ग के अधिकार) नियम-2024 के नियमों के अंतर्गत निर्धारित दरों एवं शर्तों के अनुरूप दिया जाएगा।

कुशल युवा कार्यक्रम की स्वीकृति

मंत्रिपरिषद ने सात निश्चय-3 के तहत निश्चय-1 के तहत दोगुना रोजगार-दोगुना आय के तहत कुशल युवा कार्यक्रम की स्वीकृति से वर्तमान में युवाओं को को कुशल युवा कार्यक्रम (डिजिटल मित्र) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की अवधि 270 घंटे होगी। इसके तहत संचालित होने वाले केंद्रों से प्रतिवर्ष 2 लाख 57 हजार 440 युवा प्रशिक्षित होंगे। इसके अतिरिक्त रियायती हवाई अड्डों पर विमान ईंधन (एटीएफ) के लिए वैट की दर 1 प्रतिशत से घटाकर शून्य प्रतिशत कर दिया गया है। अन्य तरह के एयरपोर्ट के लिए वैट की दर जून 2025 में ही 29 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत कर दी गई है।

कई स्थानों पर होगी बहाली

वैशाली स्थित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप तथा संग्रहालय निदेशालय एवं राजकीय संग्रहालयों के सुचारू संचालन के लिए 35 पदों पर 11 महीने या नियमित नियुक्ति होने तक नियोजन करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त भागलपुर में खुलने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय तथा मुजफ्फरपुर स्थित शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कार्यों के लिए 34-34 पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

हीमोफीलिया के मरीजों को राहत

मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना के तहत 26.33 करोड़ रुपये की स्वीकृति इसके इलाज में उपयोग की जाने वाली विशेष दवा ‘एमिसिजुमाव’ की खरीद की जाएगी। एक वायल दवा की कीमत 39 हजार 723 रुपये है। राज्य में हीमोफीलिया मरीजों की संख्या 255 है।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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