
पटना। राज्य के सभी 1300 से अधिक थाना क्षेत्रों में महिलाओं एवं लड़कियों को छेड़खानी से बचाने के लिए अभया ब्रिगेड तैयार किया गया है। सभी थाना क्षेत्र में भीड़भाड़ वाले, स्कूल-कॉलेज, मुख्य बाजार, मॉल, स्टेशन, धार्मिक स्थल समेत ऐसे अन्य स्थलों को हॉट-स्पॉट के तौर पर चिन्हित किए जाएंगे। इन विशेष स्थलों पर खासतौर से निगरानी रखी जाएगी। छेड़खानी से जुड़े किसी मामले में किसी थाना स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित थानाध्यक्ष एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) पर भी जिम्मेदारी तय होगी। दोषी पाए जाने वाले पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मुख्यालय के स्तर से इसे लेकर विशेषतौर पर आदेश जारी करते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश सार्वजनिक किए गए हैं।
जिले के एसपी करेंगे समीक्षा
इस ब्रिगेड के कार्यों की समय-समय पर संबंधित जिले के एसपी निरंतर समीक्षा करेंगे। इसमें किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई भी करेंगे। एसपी प्रत्येक महीने की 15 तारीख तक इस दल के प्रदर्शन से संबंधित एक्शन टेकन रिपोर्ट सीआईडी में एसपी (कमजोर वर्ग) को सुपुर्द करेंगे। डीजीपी विनय कुमार ने इससे संबंधित विस्तृत आदेश सभी जिलों से लेकर थानों तक को जारी किया है। इनका गठन जल्द कर इसकी गतिविधि शुरू करने का निर्देश दिया है।
थाना स्तर पर गठित दल की प्रभारी होगी महिला दारोगा
प्रत्येक थाना स्तर पर गठित अभया ब्रिगेड की प्रभारी एक महिला पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) होंगी। इनके नेतृत्व में दो पुरुष और एक महिला सिपाही होंगे, जो इस ब्रिगेड की बागडोर संभालेंगी और छेड़खानी की शिकायत आने पर इसका तुरंत निपटारा करेगी। इनकी गतिशिलता या भ्रमण के लिए स्कूटी दी जाएगी। स्कूटी खरीदने से संबंधित प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय की तरफ से गृह विभाग को जल्द समर्पित किया जाएगा। इसकी मंजूरी के बाद खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी।
यह कार्य होगा इस ब्रिगेड का
संबंधित थाना क्षेत्र का आकलन कर इसमें मौजूद स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, कोचिंग, निर्जन या सुनसान स्थान समेत ऐसे अन्य स्थालों की पहचान करेंगे, जहां छेड़खानी की घटनाएं होती हैं। स्पॉट चिन्हित कर इन स्पॉट के आसपास सादे लिबास में मौजूद रहेंगे। छेड़-छाड़ करने वाले मनचलों या शोहदों की पहचान कर उन्हें तुरंत पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।यदि किसी शोहदे को दो या इससे अधिक बार पकड़ा गया, तो उसका नाम गुंडा रजिस्टर के इव टीजर शीर्ष के अंतर्गत दर्ज किया जाएगा।
छेड़खानी के मामले में किसी नाबालिग को पकड़ा तो…
अगर छेड़खानी के मामले में किसी नाबालिग को पकड़ा जाता है, तो उसकी कउंसेलिंग कराई जाएगी। अगर एक ही नाबालिग बार-बार पकड़ा जाता है, तो उसका सनहा दर्ज कर उसकी सोशल इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट तैयार की जाएगी और किशोर न्याय पर्षद को समर्पित की जाएगी। ब्रिगेड के सदस्य स्कूल एवं कॉलेज के प्राचार्य या शिक्षकों, महिला छात्रावास के वार्डन, कोचिंग संचालक समेत अन्य से संपर्क कर ऐसे स्थानों की पहचान करेंगे। महिला या बच्चियों से भी शिक्षण संस्थानों में जाकर सीधा संपर्क स्थापित करेंगे। डॉयल-112 के संबंध में भी सभी को जानकारी देंगे और आपात स्थिति में इसका प्रयोग करने की सलाह दी है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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