छपरा

Chhapra News: बीएसएफ कैंप में साथी जवान की गोली से गई सारण के वीर सपूत की जान, गांव में मातम

बीएसएफ कैंप की फायरिंग में मांझी के हवलदार अजय कुमार सिंह की मौत

छपरा। पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कैंप में हुई गोलीबारी की दर्दनाक घटना में सारण जिले के मांझी नगर पंचायत निवासी बीएसएफ हवलदार अजय कुमार सिंह (51) की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई से नाराज एक बीएसएफ जवान ने अपने ही साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें हवलदार अजय कुमार सिंह समेत दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित बीएसएफ कैंप में तैनात जवान शिवम कुमार मिश्रा अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत मिली क्वार्टर गार्ड ड्यूटी की सजा से नाराज था। इसी दौरान उसने अपने तीन साथी जवानों पर सरकारी हथियार से फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से कैंप में अफरा-तफरी मच गई।

इस घटना में सारण जिले के मांझी नगर पंचायत के उत्तर टोला निवासी हवलदार अजय कुमार सिंह और एक अन्य जवान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल जवान का उपचार चल रहा है।

मांझी के रहने वाले थे अजय कुमार सिंह

शहीद हवलदार अजय कुमार सिंह सारण जिले के मांझी नगर पंचायत के उत्तर टोला के निवासी थे। वह अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनका परिवार लंबे समय से देश सेवा से जुड़ा रहा है।दूसरे भाई अभय सिंह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं।तीसरे भाई अमर सिंह मुजफ्फरपुर में कल्याण पदाधिकारी हैं। सबसे छोटे भाई अमन सिंह भारतीय सेना में कर्नल के पद पर तैनात हैं। इस परिवार के कई सदस्य देश की सुरक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अजय कुमार सिंह अपने पीछे पत्नी और एक अविवाहित पुत्री को छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने बताया कि करीब 15 वर्ष पूर्व उनके पिता एवं भूतपूर्व सैनिक मदन सिंह की भी एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। अब बड़े बेटे अजय कुमार सिंह की असामयिक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

गांव में शोक, लोगों की उमड़ी भीड़

घटना की सूचना मिलते ही मांझी नगर पंचायत के उत्तर टोला में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे-जैसे लोगों को घटना की जानकारी मिली, बड़ी संख्या में ग्रामीण शोकाकुल परिवार के घर पहुंचने लगे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम का माहौल है। घटना की पुष्टि मृतक के चाचा एवं अधिवक्ता उदय प्रताप सिंह तथा शिक्षक पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने की।

बीएसएफ कर रही घटना की जांच

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोलीबारी अनुशासनात्मक कार्रवाई से नाराजगी के बाद हुई। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की जांच बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे घटनाक्रम की विस्तृत तस्वीर सामने आएगी।

इस दुखद घटना ने न केवल अजय कुमार सिंह के परिवार, बल्कि पूरे मांझी क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। देश की सेवा करते हुए अपने साथी की गोली का शिकार बने हवलदार अजय कुमार सिंह को लोग नम आंखों से याद कर रहे हैं।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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