छपरा शहर का बदलेगा नक्शा, सड़क-ड्रेनेज से सीवरेज तक बनेगा समग्र प्लान
वार्डवार सर्वे से सामने आएगी जल निकासी की वास्तविक स्थिति

छपरा। बाढ़ और जलजमाव के बाद छपरा शहर की बदहाल जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन अब अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग काम कराने के बजाय पूरे शहर की सड़क, ड्रेनेज, जल निकासी, सीवरेज और पाइपलाइन व्यवस्था का एकीकृत प्लान तैयार कराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बुडको, आरसीडी और नगर निगम की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को वार्डवार सर्वेक्षण कराने और उसकी रिपोर्ट के आधार पर छपरा शहर के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
समाहरणालय में हुई समीक्षा बैठक में यूटिलिटी शिफ्टिंग, जल निकासी, ड्रेनेज, सड़क निर्माण, सीवरेज, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सहित शहर की आधारभूत संरचना से जुड़े लंबित और प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट किया कि शहर की समस्याओं का स्थायी समाधान विभागों के बीच बेहतर समन्वय और वैज्ञानिक योजना के आधार पर किया जाना चाहिए।
बाढ़ के बाद वार्डवार होगा सर्वेक्षण
शहर में बाढ़ और जलजमाव के बाद पानी निकलने के बावजूद कई क्षेत्रों में जल निकासी की वास्तविक स्थिति का आकलन जरूरी माना गया है। इसी को देखते हुए डीएम ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से पूर्व में गठित तकनीकी अभियंताओं की टीम से वार्डवार और क्षेत्रवार सर्वेक्षण कराने का निर्देश दिया।
सर्वे के दौरान यह देखा जाएगा कि किन इलाकों में पानी की निकासी सुचारु रही, कहां जलजमाव लंबे समय तक बना रहा और किन स्थानों पर ड्रेनेज व्यवस्था क्षतिग्रस्त या अपर्याप्त है। सर्वेक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि तैयार रिपोर्ट को बुडको के साथ साझा किया जाए, ताकि पूरे छपरा शहर के लिए सड़क और ड्रेनेज व्यवस्था का एक समग्र प्लान तैयार किया जा सके।
टुकड़ों में नहीं, पूरे शहर का बनेगा ओवरऑल प्लान
डीएम ने बुडको को समग्र शहरी योजना के तहत छपरा शहर की सड़क और ड्रेनेज व्यवस्था का ओवरऑल प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें शहर के अलग-अलग हिस्सों की जरूरतों को जोड़ते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया है, जिससे भविष्य में जलजमाव की समस्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
जहां ड्रेन क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हैं, वहां उनकी पहचान कर मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाएगा। जिन स्थानों पर यूटिलिटी शिफ्टिंग की वजह से विकास कार्य अटके हैं, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समाधान निकालने को कहा गया है।
स्लूइस गेट से जल निकासी को और प्रभावी बनाने पर जोर
बैठक में आईपीएस-1 में स्लूइस गेट के माध्यम से जल निकासी की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। डीएम ने बुडको को निर्देश दिया कि पानी को तकनीकी रूप से शहर से बाहर निकालने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक योजना तैयार की जाए।
इसके साथ ही शहर में मौजूद विभिन्न मैनहोल को एयरटाइट बनाने तथा ब्लैक वाटर को वैकल्पिक पाइपलाइन के माध्यम से सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की संभावनाओं पर तकनीकी योजना बनाने का निर्देश दिया गया।
शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज और सीवरेज नेटवर्क के आपसी समन्वय को भी महत्वपूर्ण माना गया।
सीवरेज परियोजना की रफ्तार बढ़ाने का निर्देश
बैठक में सभी नगर निकायों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। छपरा शहर समेत संबंधित क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक भूमि और अन्य प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाने को कहा गया।
बुडको की शेष योजनाओं, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज और अन्य लंबित कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीएम ने उप विकास आयुक्त को इन योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सुधा डेयरी और एनएच-19 पर अटकी यूटिलिटी शिफ्टिंग होगी तेज
बैठक में सुधा डेयरी साइट पर यूटिलिटी शिफ्टिंग और एनएच-19 के लेफ्ट आउट पोर्शन से जुड़ी यूटिलिटी शिफ्टिंग की भी समीक्षा हुई। बताया गया कि विद्युत विभाग की ओर से अभी तक आवश्यक एस्टीमेट उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस पर डीएम ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। बुडको से एनओसी की स्थिति की भी जानकारी ली गई और जहां मामले लंबित हैं, वहां आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
एनएच-19 के लेफ्ट आउट पोर्शन के लिए री-टेंडर की प्रक्रिया तेज होगी
एनएच-19 के लेफ्ट आउट पोर्शन से संबंधित री-टेंडर की प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया। शहर के विकास से जुड़े कार्यों में सड़क निर्माण और यूटिलिटी शिफ्टिंग के बीच तालमेल सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने कहा कि किसी योजना का काम दूसरे विभाग की लंबित प्रक्रिया के कारण प्रभावित न हो, इसके लिए पहले से समन्वय जरूरी है।
रेलवे से जुड़े कार्यों के लिए होगी विशेष समन्वय बैठक
छपरा शहर में कुछ आधारभूत परियोजनाओं के लिए रेलवे से समन्वय आवश्यक है। ऐसे मामलों में डीएम ने डीआरएम के साथ समन्वय स्थापित कर बैठक आयोजित कराने का निर्देश दिया, ताकि रेलवे से संबंधित कार्यों का समयबद्ध निष्पादन किया जा सके। इसका उद्देश्य परियोजनाओं को अनुमति, यूटिलिटी शिफ्टिंग और अन्य तकनीकी बाधाओं से मुक्त कर समय पर आगे बढ़ाना है।
पूरे शहर में पाइपलाइन नेटवर्क की होगी मैपिंग
छपरा शहर में नल और पाइपलाइन नेटवर्क की पूरी मैपिंग कराने का भी निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि शहर के किस हिस्से में कौन-सी पाइपलाइन और यूटिलिटी किस स्थान से गुजर रही है। इस जानकारी के उपलब्ध होने से भविष्य में सड़क निर्माण या ड्रेनेज का काम शुरू करने से पहले संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा। इससे बार-बार सड़क खोदने और बाद में यूटिलिटी शिफ्टिंग की समस्या को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जल निकासी से लेकर सड़क निर्माण तक एक साथ होगी योजना
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सड़क और ड्रेनेज को अलग-अलग परियोजना मानकर काम करने के बजाय दोनों का समन्वित विकास किया जाए। कई बार सड़क निर्माण के बाद ड्रेनेज या पाइपलाइन के लिए दोबारा खुदाई करनी पड़ती है, जिससे न केवल सरकारी संसाधनों का नुकसान होता है बल्कि लोगों को भी परेशानी होती है।
इसलिए प्रशासन अब ऐसी योजना तैयार करने की दिशा में है, जिसमें सड़क, जल निकासी, सीवरेज, पाइपलाइन और अन्य यूटिलिटी का समन्वित नक्शा और कार्ययोजना शामिल हो।
साप्ताहिक समीक्षा से लंबित योजनाओं पर नजर
डीएम ने लंबित योजनाओं की प्रगति पर विशेष नजर रखने के लिए साप्ताहिक समीक्षा की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य परियोजनाओं की गति बढ़ाने के साथ किसी स्तर पर आ रही बाधा की पहचान कर उसका शीघ्र समाधान करना है। संबंधित विभागों और कार्यान्वयन एजेंसियों को आपस में समन्वय रखते हुए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने को कहा गया है।
छपरा के दीर्घकालिक कायाकल्प की तैयारी
जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य केवल बाढ़ के बाद उत्पन्न जलजमाव को दूर करना नहीं, बल्कि छपरा शहर की आधारभूत संरचना के लिए दीर्घकालिक और समेकित व्यवस्था तैयार करना है।सड़क, ड्रेनेज, जल निकासी, सीवरेज, पाइपलाइन और अन्य शहरी सुविधाओं को एक ही योजना से जोड़कर काम करने से शहर के सुनियोजित विकास को गति मिलने की उम्मीद है। बैठक में डीएम ने सभी संबंधित विभागों और कार्यान्वयन एजेंसियों से कहा कि योजनाओं को केवल कागज पर सीमित न रखा जाए, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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