क्राइमबिहार

बिहार में अपराधियों की काली कमाई को जब्त करेगी पुलिस, 4 हजार अपराधी-माफिया रडार पर

अब थाना स्तर पर शुरू होगी सामुदायिक पुलिसिंग

पटना। राज्य के सभी थानों में अब सामुदायिक पुलिसिंग के स्तर पर नई पहल शुरू होने जा रही है। अपराध की रोकथाम के साथ ही जन-जागरुकता, पुलिस और आमजन के बीच विश्वास एवं सहयोग को मजबूत बनाने के लिए सामुदायिक पुलिसिंग की अवधारणा को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इसे लेकर डीजीपी  विनय कुमार के स्तर से सभी थानों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह जानकारी एडीजी (मुख्यालय)  सुनील कुमार ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।

सामुदायिक पुलिसिंग की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा करते हुए एडीजी  ने कहा कि सभी थानों में थाना प्रभारी (एसएचओ) के अतिरिक्त दो अन्य सहायक एसएचओ की तैनाती की गई है। इसमें एक की जिम्मेदारी अनुसंधान करने की तथा दूसरे की विधि-व्यवस्था संभालने की है। विधि-व्यवस्था संभालने वाले सहायक एसएचओ ही सामुदायिक पुलिसिंग की कमान भी संभालेंगे। सभी थानों में एक पंजी या रजिस्टर रखी जाएगी, जिसमें इससे संबंधित सभी जानकारी और प्रत्येक महीने निपटाए गए मामलों की जानकारी अंकित की जाएगी। सामुदायिक पुलिसिंग की मदद से अपराध की रोकथाम और सशक्त पुलिसिंग को बढ़ावा मिलेगी।

साथ ही युवाओं में नशा के खिलाफ जागरुकता, बाल सुरक्षा कार्यक्रम, साइबर अपराध के प्रति जन-जागरुकता, पंचायती राज व्यवस्था में मदद देने, सड़क सुरक्षा समेत जन सरोकार से जुड़े अन्य कार्य भी किए जाएंगे। इसके अलावा भूमि विवाद, छोटे-मोटे झगड़े समेत अन्य सामान्य या मामूली विवाद का निपटारा आपसी सहमति से करने में भी सामुयादिक पुलिसिंग की भूमिका बेहद अहम होगी। हालांकि इसमें किसी तरह के संज्ञेय अपराध को शामिल नहीं किया जाएगा। इस तरह के अपराधों में कानून संगत कार्रवाई ही की जाएगी।

अपराध मुक्त समाज का निर्माण

एडीजी सुनील कुमार ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग का मूल संदेश पुलिस और समुदाय के सहयोग से सुरक्षित, जागरुक एवं अपराध मुक्त समाज का निर्माण करना है। स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों, सुझावों एवं समस्याओं का विधिसम्मत एवं त्वरित निराकरण भी इसके माध्यम से किया जाएगा। उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले थाना या बीट या पुलिस पदाधिकारियों को जिला, क्षेत्र, प्रक्षेत्र एवं राज्य स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा।

4 हजार से अधिक अपराधियों की संपत्ति होगी जब्त : एडीजी

एडीजी (विधि-व्यवस्था) के सुहिता अनुपम ने कहा कि अपराधियों पर नकेल कसने के लिए इनके स्तर से अर्जित अवैध संपत्ति को जब्त करने की मुहिम जारी है। अब तक 4 हजार से अधिक अपराधियों को चिन्हित कर इनकी अवैध संपत्ति जब्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसमें सभी स्तर के अपराधि शामिल हैं। सभी जिलों से इससे संबंधित प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। इनमें 800 अपराधियों की संपत्ति जब्त करने से संबंधित प्रस्ताव कोर्ट में सुपुर्द कर दिया गया है। इनकी संपत्ति जब्त करने की पहल जारी है। उन्होंने कहा कि बालू और जमीन माफिया को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ ही उनकी अवैध संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।

5 हजार 9 कुर्की का निष्पादन किया गया

उन्होंने कहा कि 11 से 20 जुलाई तक चलाए गए कुर्की निष्पादन अभियान के तहत 5 हजार 9 कुर्की का निष्पादन किया गया है। इसके अलावा 12 से 14 अगस्त को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 1435 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें हत्या के मामलों में 79, डकैती के 6, लूट में 28, पुलिस पर हमला 38, एससी-एसटी से संबंधित 48, शस्त्र अधिनियम में 35, बलात्कार के 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि जून एवं जुलाई के दौरान विभिन्न गंभीर एवं महत्वपूर्ण अपराधों के मामलों में 21 हजार 294 मामलों में अबियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई है। इसमें शस्त्र अधिनियम के 147, हत्या के 124, डकैती एवं लूट के 43, अपहरण के 40, एनडीपीएस एक्ट के 78, रेप एवं पॉक्सो एक्ट के 108 तथा दहेज उत्पीड़न से संबंधित 34 मामलों में अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है। जुलाई में शस्त्र अधिनियम के 98 मामलों में सजा दिलाई। वहीं, जून में इसके तहत 49 कांडों में सजा दिलाई गई थी। इस महीने 7 सितंबर तक टीएमएस (ट्रायल मॉनीटरिंग सिस्टम) पोर्टल पर 6223 गंभीर एवं महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों को अपलोड किया गया है। इसमें आर्म्स एक्ट के 3896, हत्या के 791, लूट एवं डकैती के 258, रेप एवं पॉक्सो एक्ट से संबंधित 925 कांड शामिल हैं।

400 निजी हॉस्टल निबंधित नहीं

एडीजी अनुपम ने कहा कि राज्यभर खासकर राजधानी पटना में पुलिस दीदी की मदद से निजी गर्ल्स हॉस्टल पर निरंतर नजर रखी जा रही है। प्रत्येक महीने हॉस्टल, पीजी समेत ऐसे अन्य आश्रय स्थलों की जानकारी एकत्र की जा रही है। अब तक सिर्फ पटना में 400 ऐसे हॉस्टल या पीजी सूचीबद्ध किए गए हैं, जिनका निबंधन नहीं है। इनमें सुरक्षा से संबंधित ऑडिट भी कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बक्सर में स्कूली छात्राओं के साथ गलत हरकत करने वाले आरोपी शिक्षकों के मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई है। जल्द ही इनके खिलाफ चार्जशीट दायर की जाएगी। पुलिस मुख्यालय भी इस मामले पर निरंतर नजर रखे हुए है।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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