क्राइमछपरा

Chhapra Court: सारण में पार्थ सिंह हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया 25-25 हजार का अर्थदंड

बैग छीनने के विरोध पर चाकू से हमला करने का आरोप

छपरा। शहर के भगवान बाजार थाना क्षेत्र के चर्चित पार्थ सिंह हत्याकांड में छपरा व्यवहार न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-17 संदीप पटेल की अदालत ने अनमोल चौधरी उर्फ लाला, सनईल चौधरी उर्फ सनईल कुमार चौधरी और संजय चौधरी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा दी। अदालत ने तीनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक अभियुक्त को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

करीब पांच वर्ष पुराने इस मामले में  फैसला सुनाया गया। कोर्ट के निर्णय के बाद पीड़ित पक्ष ने इसे न्याय की जीत बताया, जबकि बचाव पक्ष ने फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने की बात कही है।

बैग छीनने के विरोध पर चाकू से हमला करने का आरोप

मामले के अनुसार, 23 दिसंबर 2021 को पार्थ सिंह बक्सर से छपरा स्थित अपने घर लौट रहे थे। छपरा रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद वह अपनी बहन के घर ब्रह्मपुर चले गए थे। उस समय उनकी मां मधु सिंह भी वहीं मौजूद थीं। प्राथमिकी में बताया गया था कि उसी शाम मधु सिंह अपने पुत्र पार्थ सिंह, रविशंकर यादव और अश्वत्थामा सिंह के साथ महमूद चौक स्थित अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान करीब शाम सात बजे दौलतगंज स्थित शंकरजी के मंदिर के पास तीन अभियुक्तों ने कथित रूप से उन्हें रोक लिया।

अभियोजन के अनुसार, अभियुक्तों ने पार्थ सिंह के हाथ में मौजूद बैग छीनने का प्रयास किया। इसका विरोध करने पर उन पर चाकू से हमला कर दिया गया। हमले में पार्थ सिंह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।

सदर अस्पताल से पटना किया गया था रेफर

घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से घायल पार्थ सिंह को छपरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए पटना रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 28 दिसंबर 2021 को उनकी मौत हो गई। घटना के बाद उनकी मां मधु सिंह ने भगवान बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

28 दिसंबर 2021 को दर्ज हुई थी प्राथमिकी

मृतक की मां मधु सिंह, पति स्वर्गीय मदन सिंह, निवासी महमूद चौक, नगर थाना क्षेत्र, छपरा ने 28 दिसंबर 2021 को भगवान बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और विभिन्न बिंदुओं पर साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।

25 मार्च 2022 को दाखिल हुआ आरोप पत्र

पुलिस ने अनुसंधान पूरा करने के बाद 25 मार्च 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से संबंधित साक्ष्यों और गवाहों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक सर्वजीत ओझा और उनके सहायक समीर मिश्रा ने पैरवी की।

छह गवाहों की कराई गई गवाही

अभियोजन पक्ष ने अनुसंधानकर्ता और चिकित्सक समेत कुल छह गवाहों की गवाही कराई। अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर तीनों अभियुक्तों को दोषी माना गया। इसके बाद बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश-17 संदीप पटेल की अदालत ने तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

तीनों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना

अदालत ने दोषी ठहराए गए तीनों अभियुक्तों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। आदेश के मुताबिक, यदि कोई अभियुक्त अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है तो उसे छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इस तरह मुख्य सजा के साथ अदालत ने आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया है।

फैसले को लेकर कोर्ट परिसर में रही गहमागहमी

फैसले को लेकर एडीजे कोर्ट के इजलास के बाहर गहमागहमी बनी हुई थी। पीड़ित पक्ष और अभियुक्तों के परिजन कोर्ट की कार्यवाही पर नजर रखे हुए थे। दोपहर बाद जैसे ही अदालत ने तीनों अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई, पीड़ित पक्ष ने इसे न्याय की जीत बताया। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि वे छपरा व्यवहार न्यायालय के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।

पांच वर्ष पुराने मामले में आया फैसला

पार्थ सिंह हत्याकांड की घटना दिसंबर 2021 की है और करीब पांच वर्ष बाद मामले में अदालत का फैसला आया है। इस दौरान पुलिस अनुसंधान, आरोप पत्र, गवाहों की गवाही और अन्य न्यायिक प्रक्रियाएं पूरी हुईं। अदालत के इस फैसले से हत्या के इस मामले की निचली अदालत की सुनवाई पूरी हो गई है। अब बचाव पक्ष की ओर से उच्च न्यायालय में अपील की स्थिति मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी।

मामले की प्रमुख तारीखें

घटनातारीख
कथित हमला23 दिसंबर 2021
पार्थ सिंह की मौत28 दिसंबर 2021
प्राथमिकी28 दिसंबर 2021
आरोप पत्र दाखिल25 मार्च 2022
अदालत का फैसला9 सितंबर 2026
सजाआजीवन कारावास
अर्थदंड₹25,000 प्रति अभियुक्त
जुर्माना न देने पर6 माह अतिरिक्त सजा

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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