
छपरा। सारण जिले के रिविलगंज थाना क्षेत्र में 923 लीटर अंग्रेजी शराब बरामदगी के करीब छह वर्ष पुराने मामले में छपरा की विशेष उत्पाद अदालत ने दो आरोपितों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश उत्पाद द्वितीय लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने रिविलगंज थाना कांड संख्या 333/20 से जुड़े उत्पाद विचारण वाद संख्या 217/22 में आरोपी भानु प्रताप सिंह और गजेंद्र सिंह को मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं में दोषी पाते हुए दोनों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा पांच-पांच लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अदालत ने धारा 41(1) के तहत भी दोनों आरोपितों को आठ-आठ वर्ष के कारावास और पांच-पांच लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में दोनों धाराओं के तहत एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया गया है।
सिताब दियारा के गरीब राय के टोला से मिली थी शराब
मामला वर्ष 2020 का है। रिविलगंज थाना क्षेत्र के सिताब दियारा स्थित गरीब राय के टोला में कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपितों के कब्जे से कुल 923 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी। बरामद शराब की मात्रा को देखते हुए उत्पाद पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
इस मामले में उत्पाद पुलिस अवर निरीक्षक किशोरी चौधरी की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अनुसंधान पूरा होने के बाद मामला न्यायालय पहुंचा और साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ी।
अभियोजन ने पेश किए गवाह और साक्ष्य
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मृत्युंजय कुमार पांडेय ने सरकार का पक्ष रखा। अभियोजन की ओर से मामले से जुड़े गवाहों की गवाही न्यायालय में कराई गई तथा उपलब्ध साक्ष्यों को प्रस्तुत किया गया।
गवाहों की गवाही और अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने भानु प्रताप सिंह और गजेंद्र सिंह को दोषी पाया। इसके बाद दोनों को सजा सुनाई गई।
शराबबंदी कानून के तहत हुई कार्रवाई
अदालत का यह फैसला राज्य में लागू मद्यनिषेध कानून के तहत शराब के अवैध कारोबार और परिवहन के मामलों में हुई न्यायिक कार्रवाई का हिस्सा है। मामले में बरामद 923 लीटर अंग्रेजी शराब को अभियोजन पक्ष की ओर से महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। विशेष उत्पाद अदालत के फैसले के बाद दोनों दोषियों के खिलाफ आगे की विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
10-10 वर्ष सश्रम कारावास और पांच-पांच लाख रुपये अर्थदंड
अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के अनुसार भानु प्रताप सिंह और गजेंद्र सिंह, दोनों को धारा 30(ए) के तहत 10-10 वर्ष सश्रम कारावास और पांच-पांच लाख रुपये अर्थदंड। धारा 41(1) के तहत दोनों को आठ-आठ वर्ष के कारावास और पांच-पांच लाख रुपये अर्थदंड।अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर संबंधित धाराओं के तहत अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी अदालत ने अपने आदेश में रखा है। यह फैसला शराब बरामदगी के इस मामले में अभियोजन द्वारा प्रस्तुत गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया है।
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