क्राइमछपरा

Chhapra Court: हत्या के प्रयास के सात साल पुराने मामले में फैसला, तीन दोषियों को 5-5 साल की सजा

नाली विवाद में पति-पत्नी पर हुआ था हमला

छपरा। मामूली नाली विवाद में हमला कर एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल करने और हत्या का प्रयास करने के करीब सात वर्ष पुराने मामले में छपरा न्यायालय ने तीन आरोपितों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायालय द्वितीय के न्यायाधीश अनुराग त्रिपाठी की अदालत ने छपरा नगर थाना कांड संख्या 25/2019 से जुड़े सत्रवाद संख्या 475/22 में मौला मिश्र टोली निवासी राजा कुमार, गोलू कुमार तथा दलदली बाजार निवासी रंजीत कुमार को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया।

अदालत ने धारा 307/34 के तहत तीनों को पांच वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त तीन माह के कारावास का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा धारा 324/34 में एक वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड, धारा 448/34 में तीन माह का कारावास तथा धारा 323/34 में तीन माह के कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

मामूली नाली विवाद में हुआ था हमला

मामला 17 जनवरी 2019 का है। अभियोजन के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र के मौला मिश्र टोली निवासी रामपाल प्रसाद के साथ मामूली नाली विवाद को लेकर आरोपितों का विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर आरोपितों ने कथित रूप से धारदार हथियार, लोहे की रॉड और लाठी से रामपाल प्रसाद पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।

बताया गया है कि रामपाल प्रसाद की पत्नी बीच-बचाव करने पहुंचीं तो उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे वह भी घायल हो गईं। घटना के बाद घायल रामपाल प्रसाद को उपचार के लिए छपरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां घायल अवस्था में उनका फर्द बयान दर्ज किया गया था।

सात गवाहों की कराई गई गवाही

मामले के अनुसंधान के बाद पुलिस ने 19 मई 2019 को न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया था। इसके बाद मामला सत्र न्यायालय में विचारण के लिए पहुंचा। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक ध्रुव देव सिंह तथा उनके सहयोगी अधिवक्ता चंद्र प्रकाश नागवंशी ने न्यायालय में अभियोजन पक्ष का समर्थन किया। अभियोजन की ओर से अनुसंधानकर्ता और चिकित्सक सहित कुल सात गवाहों की गवाही कराई गई। गवाहों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और मामले में उपलब्ध अन्य अभिलेखों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दोषी पाया।

अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजा

अदालत के आदेश के अनुसार हत्या के प्रयास के मामले में धारा 307/34 के तहत पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। इसी तरह धारा 324/34 में एक वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड, धारा 448/34 में तीन माह तथा धारा 323/34 में तीन माह के कारावास की सजा दी गई है।

अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर धारा 307/34 के तहत तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत के निर्देशानुसार विभिन्न धाराओं में दी गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

पुलिस जांच के बाद पहुंचा था मामला अदालत तक

घटना के बाद पुलिस ने फर्द बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान घटना से जुड़े साक्ष्य एकत्र किए गए और आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। इसके बाद लंबी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान गवाहों के बयान और चिकित्सकीय साक्ष्यों को रिकॉर्ड पर लिया गया। अदालत के फैसले के बाद इस मामले में आरोपित तीनों व्यक्तियों को विभिन्न धाराओं में दोषसिद्धि और सजा सुनाई गई है।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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