
छपरा। सारण में फोन पर पति से हुई विवाद के बाद महिला ने फांसी लगाकर अपने हीं मायके में आत्महत्या कर ली है। घटना सारण जिले के कोपा थाना क्षेत्र दुबवलिया गांव की है। मृतका की पहचान दुबवलिया गांव निवासी ललन राम की पुत्री बबिता देवी के रूप में की गयी है। घटना की सूचना मिलते हीं स्थानीय थाने की पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया। मृतका के चाचा ने बताया कि बबिता की शादी सीवान जिले के असाव थाना क्षेत्र के ससराव गांव निवासी रंजीत राम के साथ दो वर्ष पूर्व धूम-धाम से हिन्दू रीति-रिवाज के तहत की गयी थी।
शादी के कुछ दिन बाद से हीं पति-पत्नी में अनबन शुरू हो गया। जिसको लेकर आये दिन विवाद होता था। एक माह पूर्व ससुराल में हुई पति से विवाद के बाद बबिता अपने मायके आयी थी। रात्रि में अपने पति से फोन बात कर रही थी। करीब दो बजे रात्रि तक दोनों में बातचीत हुई है। किसी बात को लेकर फोन पर हीं दोनों में विवाद हो गया।
जिसके बाद बबिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका पति रंजीत राम गुजरात में रहकर मजदूरी करता है। मायके वालों ने ससुराल वालों प्रताड़ना का आरोप लगाया है। आरोप है कि आये दिन उसके साथ मारपीट किया जाता था। जिसको लेकर कई बार आपसी समझौता और पंचायती भी हुई थी। मंगलवार को बीती रात अपने पति से फोन पर झगड़ा कर घर मे ही फंदा लगा कर अपने जिंदगी की लीला को समाप्त कर लिया। मृतका का एक पुत्र है। जिसका नाम आर्यन है।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- October 1, 2026छपरागंडक का कहर: सारण के 7 प्रखंडों में 25 पंचायत और 102 गांव प्रभावित, 15,400 लोग सुरक्षित निकाले गए
- October 1, 2026छपराHelicopter Air Dropping: सारण के पानापुर में हवाई राहत अभियान, हेलीकॉप्टर से गिराए गए राशन के पैकेट
- September 30, 2026बिहारबिहार में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विशेष हाईड्रोजन नीति तैयार, 30 एजेंडों पर लगी मुहर
- September 30, 2026बिहारबिहार में हाईवे पर पेट्रोलिंग दुरुस्त कर दुर्घटना कम करने की कवायद, मृत्यु दर 50 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य



