Saran Flood Alert: सारण में बाढ़ का खतरा बढ़ा, डीएम का बड़ा अलर्ट- अधिकारी छोड़ नहीं सकेंगे मुख्यालय
नेपाल के कैचमेंट का पानी बना चिंता, सारण में प्रशासन ने कसी कमर

छपरा। नेपाल के कैचमेंट एरिया से पानी छोड़े जाने के बाद संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए सारण जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि संभावित बाढ़ की स्थिति में आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और किसी भी परिस्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में सिविल सर्जन, होमगार्ड कमांडेंट, जिला पशुपालन पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी तथा जल संसाधन विभाग, बाढ़ नियंत्रण, पथ निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
लोगों को सतर्क करें, लेकिन पैनिक नहीं फैलने दें
जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ और अंचलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ को देखते हुए माइकिंग के माध्यम से लोगों को समय-समय पर सतर्क और जागरूक किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिया कि लोगों के बीच किसी प्रकार का भय या अफरा-तफरी का माहौल नहीं बनने दिया जाए। जिला प्रशासन की तैयारियों और वास्तविक स्थिति की जानकारी लोगों तक समय पर पहुंचाई जाए। पूर्व से तैयार कम्युनिकेशन प्लान के अनुसार आमजन को पर्याप्त और सही सूचना उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
सामुदायिक किचन की तैयारी पूरी करने का निर्देश
बैठक में संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए सामुदायिक किचन, राहत केंद्र और ऊंचे एवं सुरक्षित स्थलों की तैयारी की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों में सुरक्षित स्थानों को पहले से चिह्नित करने और वहां आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सामुदायिक किचन के संचालन के लिए वेंडरों से समन्वय स्थापित कर सूखा राशन, गैस और अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके साथ ही वैकल्पिक वेंडरों को भी चिह्नित करने का निर्देश दिया गया, ताकि आपात स्थिति में किसी एक व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहना पड़े। टेंट-पंडाल की व्यवस्था के लिए भी संबंधित वेंडरों से समन्वय स्थापित करने और जरूरत पड़ने पर जनरेटर सेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
तटबंधों और संवेदनशील स्थलों पर रहेगी विशेष नजर
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में तटबंधों के कमजोर होने या टूटने की आशंका है, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए। ऐसे संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी रखने और पर्याप्त मात्रा में बालू, बोरा, गैबियन तथा अन्य कटाव निरोधी सामग्री उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया।
सभी अभियंताओं को तटबंधों की स्थिति की नियमित जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। एसडीओ को स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने के साथ स्वयं भी स्थिति का सत्यापन करने को कहा गया।
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को अति संवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां पर्याप्त संसाधन पहले से उपलब्ध रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर संसाधनों को तत्काल मौके पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
नाव परिचालन में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन
संभावित बाढ़ के दौरान नदी और दियारा क्षेत्रों में नाव परिचालन को लेकर भी प्रशासन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अंधेरा होने के बाद नावों का परिचालन नहीं किया जाएगा और किसी भी स्थिति में नावों को ओवरलोड नहीं होने दिया जाएगा।
घाटों से दियारा क्षेत्र की ओर जाने वाली नावों के परिचालन को व्यवस्थित और विनियमित करने के साथ नावों पर आवश्यक सुरक्षा उपकरण और लाइफ जैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
राहत और बचाव सामग्री पर्याप्त मात्रा में रखने का आदेश
सभी प्रखंडों में पॉलीथिन शीट, लाइफ जैकेट, महाजाल और अन्य राहत एवं बचाव सामग्री पर्याप्त मात्रा में रखने का निर्देश दिया गया है। मत्स्य संसाधन विभाग को भी पर्याप्त पॉलीथिन शीट उपलब्ध रखने तथा वेंडरों से समन्वय स्थापित कर आकस्मिक आवश्यकता पड़ने पर 24 घंटे के भीतर अतिरिक्त सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने को कहा गया।
सड़क क्षतिग्रस्त होने पर तत्काल होगी मरम्मत
बाढ़ अथवा जलजमाव के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए पथ निर्माण विभाग को भी अलर्ट किया गया है। विभाग के अभियंताओं को पर्याप्त संख्या में तैयार रहने और सड़क क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर मरम्मत तथा आवागमन बहाल करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
अस्पतालों में एंटी-वेनम और जीवनरक्षक दवाएं रखने का निर्देश
संभावित बाढ़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सभी मेडिकल टीमें, बीएचएम, हेल्थ मैनेजर और स्वास्थ्यकर्मी लगातार अलर्ट रहें।
सभी प्रखंडों में एंटी-वेनम सहित आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं और चिकित्सा सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। एसडीओ और बीडीओ को अपने-अपने क्षेत्रों के अस्पतालों का निरीक्षण कर दवाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया।
इसके साथ ही क्लोरीन टैबलेट और ब्लीचिंग पाउडर का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल और स्वच्छता संबंधी समस्याओं से समय रहते निपटा जा सके।
बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे अधिकारी
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लगातार अपने मुख्यालय में मौजूद रहेंगे। किसी भी अधिकारी या कर्मी को सक्षम अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने अथवा अवकाश पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
जल संसाधन विभाग, बाढ़ नियंत्रण और पथ निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारियों को भी पूरी तत्परता के साथ अपने कार्यस्थल पर बने रहने का निर्देश दिया गया है।
एसएसपी ने थाना प्रभारियों को किया अलर्ट
बैठक के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने भी सभी थाना प्रभारियों को संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना प्रभारी को अपने क्षेत्र में सामुदायिक किचन, सुरक्षित एवं ऊंचे स्थल, मेडिकल सुविधाओं तथा राहत और बचाव संसाधनों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को चौकीदारों को सक्रिय रखने और क्षेत्र की हर महत्वपूर्ण गतिविधि की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वायरलेस, मोबाइल और व्हाट्सऐप ग्रुप सहित सभी संचार माध्यमों को सक्रिय और सुचारु रखने पर भी जोर दिया गया।
सोशल मीडिया की हर सूचना का होगा फैक्ट चेक
जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं की तत्काल तथ्य-जांच कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भ्रामक, अपुष्ट या गलत सूचना पर संबंधित अधिकारी तत्काल वास्तविक स्थिति की जांच करें और सही जानकारी आमजन तथा मीडिया तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण किसी भी स्थिति में अनावश्यक पैनिक नहीं फैलना चाहिए। तथ्यों की पुष्टि के बाद सही सूचना को तेजी से प्रसारित किया जाए, ताकि लोगों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती रहे।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति में पूर्व तैयारी ही सबसे प्रभावी बचाव है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में न्यूनतम समय में अधिकतम प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। आमजन की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी अधिकारी पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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