विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर संजीवनी नर्सिंग होम के द्वारा निकाला गया जागरूकता रैली

छपरा : विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर रविवार को संजीवनी नर्सिंग होम एवं मेटरनिटी सेंटर संस्थापक शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक व लायंस क्लब के अध्यक्ष डॉ अनिल के नेतृत्व में जागरूकता रैली निकाला गया। रैली संजीवनी नर्सिंग होम के प्रांगण से निकलकर शहर के थाना चौक पर समाप्त हुआ। इस दौरान लोगों को जागरूक करते हुए रैली बढ़ता गया। रैली में लायंस इंटरनेशनल की स्थानीय इकाई लायंस क्लब छपरा सारण के सभी सदस्य के अलावे सारण फिजिकल एकेडमी के सदस्य शामिल थे।
जागरूकता रैली को सम्बोधित करते हुए डॉ अनिल कुमार ने कहा कि हेपेटाइटिस बीमारी में लीवर में सूजन आ जाती है. यह एक ख़तरनाक डिजीस है. हेपेटाइटिस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 28 जुलाई को वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे मनाया जाता है. जिससे लोग इस बीमारी से अपने आप को बचा सकें. इसी उदेश्य से यह जागरूकता रैली निकाला गया है. उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस की बीमारी लिवर को ख़राब करती है . ये बीमारी वायरल इन्फेक्शन के कारण होती है. इससे होने वाले लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी बीमारियों से हर 30 सेकंड में कम से कम एक मरीज़ की मृत्यु हो जाती है. इस घातक बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए दुनियाभर में हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है.इस मौके पर डॉ अनिल कुमार, लायंस विक्की आनंद, लायंस, मनोज संकल्प, शम्भू राय, लायंस डॉ ओपी गुप्ता, समेत सारण फिजिकल एकेडमी के सदस्य शामिल थे।
हेपेटाइटिस लिवर में होने वाली सूजन है. यह लिवर कैंसर जैसी जानलेवा समस्या में बदल सकती है. हेपेटाइटिस से बचाव के लिए इस बीमारी के प्रति जागरूक होना बहुत आवश्यक है. इसके शुरुआती चरणों में सामान्य लक्षण ही होते है. लेकिन बाद में ये ख़तरनाक बन जाती है. इस बीमारी से बचाव के लिए बचपन में ही हेपटाइटिस A और B की वैक्सीन दे दी जाती है, जिससे आगे हेपेटाइटिस के खतरे से बचाव होता है.
हेपेटाइटिस के प्रकार कितने हैं?
हेपेटाइटिस 5 प्रकार का होता है- ए बी सी डी और ई. इनमें बी और सी सबसे खतरनाक होते हैं. ये लिवर फेल और लिवर कैंसर का कारण बन सकता है।
हेपेटाइटिस के कारण और पहचान:
उन्होंने बताया कि ने कहा कि हेपेटाइटिस वायरस इस बीमारी का कारण है.ऑटोइम्यून रोग भी हेपेटाइटिस का कारण बन सकते हैं. हेपेटाइटिस ए और ई संक्रमित खान-पान से हो सकता है. हेपेटाइटिस बी और सी के लिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन, सिमेन और किसी फ्लूइड का एक्सपोजर जिम्मेदार हो सकते हैं.
ये हैं लक्षण
– थकान
– कम भूख लगना,
– उल्टी आना
– आंखें पीली पड़ जाना
– यूरिन का रंग बदलना
– पेट दर्द
हेपेटाइटिस से बचाव कैसे करें:
– हेपेटाइटिस से बचाव के लिए खानपान का ध्यान रखें.
– तले भुने और बाहर के प्रोसेस्ड खाने से दूरी बनाएं
– तंबाकू, धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन न करें
– अत्यधिक दवाइयों का सेवन भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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