सारण में बाढ़ का अलर्ट: 40 किलोमीटर तटबंध का DM-SSP ने किया निरीक्षण
गांव-गांव माइकिंग, पशुओं संग आश्रय स्थलों पर भेजे जाएंगे लोग

छपरा। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सारण जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आमजन की सुरक्षा, तटबंधों की निगरानी और नदी किनारे रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की योजना के तहत मंगलवार को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने संयुक्त रूप से सारण तटबंध का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने तटबंध की स्थिति के साथ-साथ संभावित बाढ़ की स्थिति में बनाए गए आश्रय स्थलों और सामुदायिक किचेन की तैयारियों का भी जायजा लिया।
जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने सारण तटबंध के किमी 40.00 से किमी 80.00 तक का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पानापुर, तरैया, अमनौर और मकेर प्रखंड क्षेत्रों में तटबंध के आसपास चिन्हित आश्रय स्थलों तथा सामुदायिक किचेन के लिए चयनित स्थानों का भी निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान सारण तटबंध वर्तमान में सुरक्षित पाया गया। हालांकि, प्रशासन किसी भी संभावित परिस्थिति को लेकर सतर्क है। जिलाधिकारी ने तटबंध के आक्रम्य और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संख्या में सैंड बैग और अन्य कटाव निरोधी सामग्री उपलब्ध रखने का निर्देश बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को दिया।
तटबंधों की होगी लगातार निगरानी
डीएम और एसएसपी ने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अंचलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में तटबंधों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को किसी भी प्रकार की स्थिति पर तत्काल कार्रवाई के लिए पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया।
प्रशासन ने नदी और तटबंध के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। संबंधित क्षेत्रों में लगातार माइकिंग कर लोगों को सतर्क करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही नदी क्षेत्र की ओर रहने वाले परिवारों को उनके पशुओं सहित चिन्हित आश्रय स्थलों तक सुरक्षित पहुंचाने की तैयारी शुरू करने को कहा गया है।
आश्रय स्थल और सामुदायिक किचेन की तैयारी पूरी करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान आश्रय स्थलों और सामुदायिक किचेन के लिए चयनित स्थानों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आदेश जारी कर प्रत्येक कर्मी की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए, ताकि आपात स्थिति में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने संबंधित वेंडरों के चयन और भोजन आपूर्ति से जुड़ी सभी तैयारियां तत्काल पूरी करने का निर्देश दिया। प्रशासन का उद्देश्य है कि आवश्यकता पड़ने पर सामुदायिक किचेन और राहत शिविरों को बिना किसी देरी के संचालित किया जा सके।
सुरक्षा और तत्परता को सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ की किसी भी स्थिति में आमजन की सुरक्षा, राहत और आवश्यक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और संबंधित थानाध्यक्ष भी मौजूद रहे।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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