बिहार

करोड़पति इंजीनियर के पांच ठिकानों पर SVU की छापेमारी, 3.28 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा

31.42 लाख रुपये नकद, 23 लाख से अधिक के जेवरात और बैंक खातों में 1.29 करोड़ रुपये मिले

पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने पथ निर्माण विभाग के एक इंजीनियर के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में सहरसा पथ निर्माण अंचल के कार्यपालक अभियंता विजय कुमार के खिलाफ बुधवार सुबह शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक जारी रही। प्रारंभिक जांच में इंजीनियर और उनकी पत्नी के नाम पर 3 करोड़ 28 लाख 70 हजार 600 रुपये की आय से अधिक संपत्ति का पता चला है। यह उनकी आय के वैध स्रोतों से करीब 139.87 प्रतिशत अधिक बताई गई है। छापेमारी के दौरान 31.42 लाख रुपये नकद, 23 लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी के आभूषण और विभिन्न बैंक खातों में जमा 1.29 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।

विशेष निगरानी इकाई के अपर पुलिस महानिदेशक सुधांशु कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि विजय कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। एसवीयू थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत कांड संख्या 27/2026 दर्ज की गई है। इसके बाद विशेष टीम ने एक साथ पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

पटना से सहरसा और औरंगाबाद तक पांच ठिकानों पर छापेमारी

एसवीयू की टीम ने विजय कुमार से जुड़े पांच स्थानों पर तलाशी ली। इनमें पटना के दानापुर स्थित गोला रोड के साईं शरणम आवासीय परिसर, सहरसा में पथ निर्माण विभाग का सरकारी कार्यालय और आवासीय परिसर, औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र के ब्राह्मण टोली स्थित पैतृक आवास तथा पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के महेश नगर स्थित प्रेमा रेजीडेंसी अपार्टमेंट शामिल हैं।

तलाशी के दौरान टीम को कई बैंक खातों, संपत्तियों, निवेश और बीमा से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। जांच में अब तक चल और अचल संपत्ति मिलाकर 3.28 करोड़ रुपये से अधिक की ऐसी संपत्ति का पता चला है, जिसे एसवीयू ने आय के ज्ञात वैध स्रोतों से अधिक बताया है। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

घर से 31.42 लाख नकद, 23 लाख से अधिक के जेवरात बरामद

छापेमारी के दौरान दानापुर स्थित साईं शरणम आवास से 31 लाख 42 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा 23 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण मिले हैं। टीम को एलआईसी, टाटा एआईजी समेत विभिन्न कंपनियों में निवेश और बीमा से जुड़े दस्तावेज भी हाथ लगे हैं।

जांच में पति-पत्नी के नाम से भारतीय स्टेट बैंक में सात और बैंक ऑफ बड़ौदा में दो खाते होने की जानकारी मिली है। इन नौ बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 29 लाख 46 हजार रुपये जमा होने की बात सामने आई है। इसके अलावा उनके नाम पर एक स्कॉर्पियो और एक आई-10 कार भी निबंधित है।

पत्नी के नाम पर भी करोड़ों की संपत्ति

एसवीयू की प्रारंभिक जांच में विजय कुमार और उनकी पत्नी रानी कुमारी के नाम पर करीब 3 करोड़ 8 लाख 75 हजार रुपये की अचल संपत्ति का पता चला है। जांच एजेंसी के अनुसार, दंपती ने पटना और दानापुर में फ्लैट, भूखंड और बहुमंजिला मकान खरीदे हैं।

संपत्तियों में पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के महेश नगर स्थित प्रेमा रेजीडेंसी अपार्टमेंट का फ्लैट संख्या 303, गोला रोड के रामजयपाल नगर सहकारी गृह निर्माण समिति में पत्नी के नाम का भूखंड तथा दानापुर के सहजादपुर मौजा में आवासीय भूखंड शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर दानापुर से रामजयपाल नगर क्षेत्र में भी एक भूखंड का पता चला है।

जांच में गोला रोड पर विजय कुमार के नाम से निर्मित छह मंजिला मकान की अनुमानित लागत करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये बताई गई है। वहीं, वास्तुगंगा कॉलोनी स्थित साईं शरणम नामक तीन मंजिला मकान की अनुमानित लागत करीब 75 लाख रुपये आंकी गई है।

2004 में सरकारी सेवा में आए थे विजय कुमार

एसवीयू के एडीजी सुधांशु कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विजय कुमार 22 दिसंबर 2004 को सरकारी सेवा में आए थे। इसके बाद पटना, गया, सहरसा समेत विभिन्न स्थानों पर उनकी तैनाती रही। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने अपनी आय के वैध स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की।

फिलहाल एसवीयू की टीम बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश, बीमा और अचल संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। एजेंसी के अनुसार, अब तक सामने आई 3 करोड़ 28 लाख 70 हजार 600 रुपये की आय से अधिक संपत्ति का आकलन प्रारंभिक जांच पर आधारित है। तलाशी और वित्तीय जांच पूरी होने के बाद संपत्ति का अंतिम आकलन किया जाएगा।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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