पटना

बिहार सरकार का बड़ा तोहफा: 10 लाख कर्मियों का बढ़ा महंगाई भत्ता

बिहार कैबिनेट ने लिए 19 अहम फैसले

पटना। राज्य सरकार ने अपने कर्मियों को बड़ा तोहफा देते हुए महंगाई भत्ता (डीए) में बढ़ोतरी की है। अलग-अलग वेतनमान पा रहे कर्मियों के लिए अलग-अलग स्तर पर भत्ता की दर में बढ़ोतरी की गई है। सभी कर्मियों के लिए यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से लागू की जाएगी।

इसमें 5वां वेतनमान पा रहे कर्मियों के लिए महंगाई भत्ता की दर 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दी गई है। यानी 9 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह 6वां वेतनमान के दायरे में आने वाले कर्मियों के लिए महंगाई भत्ता की दर को 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत यानी 5 फीसदी कर दी गई है। इसी तरह 7वां वेतनमान पाने वाले कर्मियों के लिए महंगाई भत्ता की दर को 58 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दी गई है।

इससे करीब 10 लाख कर्मियों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। यह अहम फैसला बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया। इस दौरान 19 एजेंडों पर मुहर लगी।

कैबिनेट विस्तार के बाद पहली बैठक

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कैबिनेट का विस्तार के बाद कैबिनेट की यह पहली बैठक थी। इसमें लिए गए निर्णयों के बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि अपराध और सांप्रदायिक रूप से अत्यंत संवेदनशील राज्य के जिलों पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पांच पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।

उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 72 हजार 901 करोड़ रुपये के ऋण उगाही की स्वीकृति दी है। इसमें 64 हजार 141 करोड़ रुपये का ऋण बाजार से लिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (एनआईएफटीईएम) खोलने के लिए मुफ्त जमीन देने पर सहमति बनी है। इसके लिए वैशाली जिला में तैयार हो रहे औद्योगिक क्षेत्र के कुल रकबा में 100 एकड़ जमीन देने की योजना पर मुहर लगी है।

उद्योग और निवेश को बढ़ावा

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पटना जिला के बिहटा कलस्टर में सिकंदरपुर औद्योगिक क्षेत्र में मेसर्स नीफ प्राइवेट लिमिटेड डेयरी प्लांट के स्थापना की मंजूरी दी गई है। इस प्लांट को स्थापित करने में 97 करोड़ 17 लाख रुपये की लागत आएगी। इसमें 170 लोगों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग कलस्टर विकास योजना के अंतर्गत सामान्य सुविधा केंद्र की स्थापना के लिए योजना में संशोधन की मंजूरी मिली है। इसका नाम मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग कलस्टर विकास योजना कर दिया गया है।

बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 की अवधि विस्तार करते हुए 30 जून 2026 तक कर दी गई है। उन्होंने कहा कि किशनगंज जिला के पोठिया अंचल में सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को मुफ्त जमीन देने पर सहमति बनी है।

शिक्षा और पशुपालन से जुड़े फैसले

श्री चौधरी ने कहा कि सात निश्चय-3 (2025-30) के अंतर्गत चौथे निश्चय उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य के तहत डिग्री महाविद्यालय रहित बचे हुए 3 प्रखंडों में इसके स्थापना की मंजूरी दी गई है। इसमें पश्चिम चंपारण का पिपरासी एवं भितहा तथा मुंगेर का टेटिया बम्बर प्रखंड शामिल है।

इन डिग्री कॉलेजों के लिए प्रति कॉलेज 44 पदों के हिसाब से 132 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। लखीसराय जिला के चानन अंचल में गोपालपुर में 79.92 एकड़ जमीन पशुपालन विकास योजना के तहत सिमेन स्टेशन की स्थापना के लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग को मुफ्त ट्रांसफर किया जा रहा है।

बिहार में एआई मिशन की होगी स्थापना

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मिशन के स्थापना की स्वीकृति दी गई है। इसके मुख्य उदेश्यों में एक है, एआई क्षेत्र के अग्रणी उद्योगों या संस्थानों की सहभागिता प्राप्त करने के लिए इनका चयन करना और राज्य में एआई इको सिस्टम का निर्माण करना है।

सिंगापुर की कंपनी ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क (जीएफटीएन) को नामांकन के आधार पर चयन किया है।

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Ankita Kumari
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अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।

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