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Success Story: सारण के आकाश ने BPSC-MVI परीक्षा में पूरे बिहार में हासिल किया 9वां रैंक

संघर्ष, मेहनत और परिवार के सहयोग से मिली ऐतिहासिक सफलता

छपरा। अगर इरादे मजबूत हों, मेहनत सच्ची हो और परिवार का साथ मिले, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। सारण जिले के गड़खा प्रखंड अंतर्गत महमदपुर गाँव के रहने वाले आकाश कुमार ने इसी बात को सच साबित कर दिखाया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) परीक्षा 2025 में पूरे बिहार में 9वाँ स्थान प्राप्त कर आकाश ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे सारण जिले का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि इस परीक्षा में सारण जिले से चयनित होने वाले वे एकमात्र अभ्यर्थी हैं।

आकाश कुमार की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। गांव से लेकर शहर तक लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणा बता रहे हैं। सीमित संसाधनों और सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद आकाश ने जिस तरह कठिन परिश्रम और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया, वह संघर्ष कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल बन गया है।

परिवार से मिली प्रेरणा और संस्कार

आकाश कुमार एक शिक्षित एवं अनुशासित परिवार से आते हैं। उनके पिता दिनेश्वर राय झारखंड पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। पिता की वर्दी और कर्तव्यनिष्ठा ने बचपन से ही आकाश को अनुशासन और सेवा का पाठ सिखाया। उनकी माता उषा देवी गृहिणी हैं, जिन्होंने हर परिस्थिति में बेटे का मनोबल बढ़ाया और परिवार को मजबूती से संभाला।

सफलता के पीछे परिवार का सबसे बड़ा योगदान

आकाश बताते हैं कि उनकी सफलता के पीछे परिवार का सबसे बड़ा योगदान रहा है। उनके बड़े भाई आनंद कुमार भारतीय रेलवे में वरिष्ठ अभियंता हैं, जिन्होंने पढ़ाई और करियर को लेकर हमेशा सही मार्गदर्शन दिया। दूसरे बड़े भाई रणधीर कुमार सिविल कोर्ट छपरा में UDC के पद पर कार्यरत हैं, जिन्होंने तैयारी के दौरान हर जरूरी सहयोग दिया। वहीं उनकी बहन प्रियंका कुमारी, जो बिहार पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं, ने कठिन समय में उनका हौसला बढ़ाया और लगातार प्रेरित किया। आकाश अपने दादा स्वर्गीय सकल राय को भी अपनी प्रेरणा मानते हैं।

छपरा से पटना तक की पढ़ाई, फिर शुरू हुआ संघर्ष

आकाश कुमार की प्रारंभिक शिक्षा छपरा के एंड पब्लिक स्कूल से हुई। शुरुआती दिनों से ही वे पढ़ाई में मेधावी रहे। आगे की पढ़ाई के लिए वे पटना गए, जहां उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसान नहीं थी। सीमित संसाधनों, कठिन प्रतिस्पर्धा और लगातार मानसिक दबाव के बीच भी आकाश ने हार नहीं मानी। उन्होंने नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। कई बार कठिन परिस्थितियां आईं, लेकिन परिवार के समर्थन और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण ने उन्हें आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी।

आकाश का मानना है कि सफलता किसी एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं होती, बल्कि यह वर्षों के संघर्ष, धैर्य और निरंतर प्रयास का फल होती है।

जिले के युवाओं के लिए बने प्रेरणा

आज आकाश कुमार की सफलता सारण जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। गांव के साधारण परिवेश से निकलकर पूरे बिहार में 9वाँ स्थान हासिल करना यह साबित करता है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।

उनकी इस उपलब्धि पर गांव और जिले के लोगों में गर्व का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आकाश ने पूरे क्षेत्र के युवाओं को यह विश्वास दिलाया है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र भी राज्य स्तर की बड़ी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

अभी और ऊँची है मंजिल

MVI परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करने के बाद भी आकाश का लक्ष्य यहीं खत्म नहीं होता। वे हाल ही में आयोजित 71वीं BPSC सिविल सेवा परीक्षा की मुख्य परीक्षा भी दे चुके हैं। उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है।

आकाश कहते हैं “ईमानदारी और समर्पण के साथ काम किया जाए, तो समाज में सकारात्मक बदलाव जरूर आता है। मेरा उद्देश्य सिर्फ नौकरी पाना नहीं, बल्कि समाज के लिए उपयोगी बनना है।” उनकी सोच और संघर्ष यह दर्शाते हैं कि आने वाले समय में वे प्रशासनिक क्षेत्र में भी बड़ी जिम्मेदारी निभाने की क्षमता रखते हैं।

आकाश कुमार की सफलता यह सिखाती है कि कठिन परिस्थितियां कभी भी सपनों के रास्ते की दीवार नहीं बन सकतीं। यदि व्यक्ति मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़े, तो सफलता निश्चित रूप से उसके कदम चूमती है।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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