सोनपुर मेले में जाम पर लगेगा ब्रेक! जेपी सेतु पर तीन शिफ्ट में पुलिस, 7 स्वास्थ्य शिविर 24 घंटे रहेंगे चालू
कार्तिक पूर्णिमा पर घाटों की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की होगी तैनाती
छपरा। हरिहरनाथ सोनपुर मेला में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए सारण जिला प्रशासन ने यातायात, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस बार प्रशासन का विशेष जोर जेपी सेतु पर लगने वाले जाम को रोकने, भीड़ को नियंत्रित करने और मेला क्षेत्र में आने-जाने वालों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने पर है। जेपी सेतु के दोनों छोर पर क्रेन की व्यवस्था रहेगी, जबकि जरूरत के अनुसार पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तीन पालियों में तैनाती की जाएगी। मेला क्षेत्र में सात अस्थायी स्वास्थ्य शिविर चौबीसों घंटे संचालित होंगे और नौ स्थानों पर एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी। कार्तिक पूर्णिमा पर घाटों की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात की जाएंगी।
हरिहरनाथ सोनपुर मेला के सफल, सुव्यवस्थित और सुरक्षित आयोजन को लेकर शनिवार, 31 अक्टूबर को समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र की तैयारियों और मेला तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों की व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया।
जेपी सेतु पर तीन पालियों में होगी पुलिसकर्मियों की तैनाती
मेला के दौरान पटना और सोनपुर के बीच आवागमन बढ़ने से जेपी सेतु पर यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने पुल पर सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। शनिवार और रविवार को विशेष रूप से तीनों पालियों में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
जेपी सेतु के महत्वपूर्ण स्थानों पर बैरिकेडिंग, ड्रॉप गेट और स्थायी निगरानी स्थल बनाए जाएंगे। पटना और वैशाली जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त यातायात प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए श्रावणी मेला के दौरान अपनाई गई मार्ग परिवर्तन व्यवस्था की तर्ज पर सोनपुर मेला अवधि में भी जरूरत के अनुसार यातायात मार्ग बदले जा सकेंगे।
यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पहले से अभ्यास भी कराया जाएगा, ताकि तैनात अधिकारी और पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारियों तथा निर्धारित मार्ग योजना से परिचित रहें। जेपी सेतु के दोनों छोर पर क्रेन उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है। वीआईपी आवागमन से लगभग एक घंटे पहले आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हो। प्रमुख मार्गों पर पार्किंग स्थलों और बहुमंजिला पार्किंग की संभावनाओं को भी चिह्नित किया जाएगा।
मंदिर से नखास तक जगमगाएगा मेला क्षेत्र
मेला क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को आकर्षक और सुरक्षित बनाने के लिए नगर कार्यपालक पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। हरिहरनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार से मेला परिसर, शिविर क्षेत्र और नखास तक पर्याप्त एलईडी तथा झालर रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। नगर क्षेत्र की सभी खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को 6 नवंबर तक दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
अनुमंडल पदाधिकारी, सोनपुर को पूरे क्षेत्र का सर्वेक्षण कर प्रकाश व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने को कहा गया है। गजग्राह प्रतिमा के समीप अव्यवस्थित विद्युत तारों को भी व्यवस्थित कराया जाएगा। प्रशासन का जोर है कि मेला क्षेत्र के प्रमुख रास्तों और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर पर्याप्त रोशनी रहे, ताकि श्रद्धालुओं को रात में आवागमन में परेशानी नहीं हो।
पार्किंग, बैरिकेडिंग और अतिक्रमण पर रहेगी नजर
मेला में आने वाले वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। पर्यटन विभाग द्वारा स्विस कॉटेज के लिए चिह्नित क्षेत्र के आसपास पार्किंग की संभावना तलाशने और संबंधित जमीन मालिकों से समन्वय कर आवश्यक जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। वहां जलजमाव की समस्या दूर करने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी।
भवन निर्माण विभाग से समन्वय कर मजबूत बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट लगाए जाएंगे। गजग्राह चौक से घोड़ा बाजार तक के संकीर्ण मार्ग पर विशेष रूप से बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट की व्यवस्था होगी। निर्धारित पार्किंग और प्रतिबंधित स्थलों पर दुकान या ठेला नहीं लगाने दिया जाएगा। इसके लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
साफ-सफाई, पेयजल और शौचालयों की होगी व्यवस्था
मेला क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई के साथ आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सफाई की व्यवस्था रखने को कहा गया है। प्रमुख स्थलों पर पेयजल के लिए स्टैंड पोस्ट लगाए जाएंगे। जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए आवश्यकतानुसार नालियों और सोख्ता का निर्माण कराया जाएगा।
पशु मेला बाजार में भी पर्याप्त पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी को मेला क्षेत्र के सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत और जीर्णोद्धार कराने को कहा गया है। इसके अलावा चौक-चौराहों की रंगाई-पुताई और मरम्मत भी कराई जाएगी।
मेला तक पहुंचने वाली सड़कें होंगी गड्ढामुक्त
मेला क्षेत्र के अंदर और बाहर से आने वाले संपर्क मार्गों को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग और पथ निर्माण विभाग को दी गई है। संबंधित विभागों को सभी प्रमुख सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने और आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए निविदा और कार्यादेश की प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा गया है, ताकि मेला शुरू होने से पहले आवागमन सुगम हो सके।
कार्तिक पूर्णिमा पर घाटों की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की जाएगी। मढ़ौरा, पहलेजा घाट और कालीघाट पर दो-दो एसडीआरएफ टीमों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है। इससे घाटों पर किसी भी आपात स्थिति में त्वरित बचाव और राहत कार्य किया जा सकेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर कपड़े बदलने के लिए कक्ष बनाने की कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी अनुमंडल पदाधिकारी, सोनपुर को दी गई है। प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर बैरिकेडिंग तथा सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ भीड़ प्रबंधन की विस्तृत योजना बनाने को भी कहा गया है।
सात स्वास्थ्य शिविर रहेंगे 24 घंटे चालू, नौ जगह एंबुलेंस
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सात अस्थायी स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जाएंगे। ये शिविर 24 घंटे संचालित रहेंगे। इसके अतिरिक्त मेला क्षेत्र के नौ स्थानों पर एंबुलेंस की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी दुर्घटना या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
बैठक में सिविल सर्जन से स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा की गई। प्रशासन ने चिकित्सा सुविधाओं को समय पर व्यवस्थित करने और आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
पशु मेला में भी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे पशु चिकित्सक
सोनपुर मेला की पहचान रहे पशु बाजारों में पशुओं के स्वास्थ्य और देखभाल के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। सभी पशु बाजार स्थलों पर पर्याप्त पेयजल और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पशुओं के उपचार के लिए समर्पित पशु चिकित्सा दल चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे। सोनपुर पशु अस्पताल को भी 24 घंटे चालू रखने तथा आवश्यकता के अनुसार मेला क्षेत्र में पशु चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति करने को कहा गया है।
सोनपुर आइडल और खेल प्रतियोगिताओं की भी तैयारी
समीक्षा बैठक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलकूद प्रतियोगिताओं की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। प्रमंडल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन की व्यवस्था की समीक्षा की गई। सोनपुर आइडल प्रतियोगिता के लिए भी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया गया।
कला एवं संस्कृति विभाग तथा पर्यटन विभाग के माध्यम से कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी को कलाकारों की सूची और उनके कार्यक्रमों का समय तय करने को कहा गया है, ताकि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन व्यवस्थित ढंग से किया जा सके।
स्थानीय लोगों को मिलेगा पास, तैयार होगा ‘मेला दर्पण’
मेला क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोगों को आवश्यकता के अनुसार प्रवेश पास निर्गत करने की व्यवस्था की जाएगी। डाक बंगले की साफ-सफाई, रंग-रोगन और जरूरी मरम्मत कराने का भी निर्देश दिया गया है।
मेला से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं, संयुक्त आदेशों और संपर्क सूत्रों को व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराने के लिए ‘मेला दर्पण’ तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से संबंधित आदेशों और आवश्यक सूचनाओं का नियमित प्रसार किया जाएगा। मेला क्षेत्र में स्थापित नियंत्रण कक्ष को प्रभावी ढंग से संचालित करने और सभी विभागों के बीच त्वरित समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मेला आयोजन से जुड़ी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आम नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागों को पूरी तत्परता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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