
पटना। बिहार पुलिस जल्द ही नए तेवर में नजर आने वाली है। देश में अंग्रेजों के समय से चले आ रहे कानून को बदल दिया गया है। अब बिहार पुलिस खुद को अपग्रेड करने में लगी है। इसके लिए पुलिस विभाग अपने कर्मियों के लिए क्लास लगवा रहा है। जिसमें उन्हें आपराधिक कानूनों में भी बदलाव और हुए भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNSS) की बारीकियां समझायी जा रही है।
अब तक 3,137 पुलिसकर्मी को मिला प्रशिक्षित
इस प्रशिक्षण में पुलिस कर्मियों को न केवल कानून की जानकारी दी जा रही है बल्कि आधुनिक तकनीकों ओर साक्ष्य सुरक्षित करने के नए तरीके भी बताए जा रहे हैं। बदलते जमाने की पुलिसिंग के मजबूत करने के लिए सीआईडी के अंतर्गत एडवांस ट्रेनिंग स्कूल (एटीएस) में यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां हर महीने औसतन 350 पुलिस पदाधिकारियों को ट्रेनिंग होती है।
2 सितंबर से 173वां बैच
बताते चलें कि पिछले तीन वर्षों से अब तक 3,137 पुलिसकर्मी प्रशिक्षित हो चुके हैं। अब 2 सितंबर से एटीएस में 173वां बैच शुरू होने जा रहा है। इससे पहले जुलाई में आयोजित 171वें बैच में सीधे नियुक्त 343 दारोगाओं को प्रशिक्षित किया था।
इन विषयों पर दी जा रही ट्रेनिंग
बताते चलें कि बिहार पुलिस अपने पदाधिकारियों को 15 दिनों की ट्रेनिंग देती है। जिसमें नए कानूनी ज्ञान और बीएनएसएस 2023 की प्रमुख धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा डिजिटल फॉरेंसिक, सीसीटीवी विश्लेषण और मोबाइल डेटा ट्रैकिंग का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साक्ष्यों को प्रमाणित करने और अपराधियों को सजा दिलाने नई तकनीक को भी शामिल किया जा रहा है। जिसमें डीएनए, फिंगरप्रिंट, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के प्रयोग की भी ट्रेनिंग दी जा रहा है।
प्रतिष्ठित संस्थानों से भी जुड़ा प्रशिक्षण
बिहार पुलिस के पदाधिकारियों को नई दिल्ली स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, एनसीआरबी, चंडीगढ़ स्थित सीडीटीआई, हैदराबाद और मेघालय स्थित प्रशिक्षण संस्थानों में भी ट्रेनिंग दी जा रही है। आने वाले दिनों में दो हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को इन संस्थानों से प्रशिक्षित करने की योजना है।
मजबूत होगी पुलिसिंग, सजा होगी सुनिश्चित
एडीजी-सीआईडी पारसनाथ ने बताया कि पुलिस विभाग का लक्ष्य है कि अगले वर्ष तक 2 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे बिहार की पुलिसिंग बेहतर होगी। इसके लिए विशेष मॉड्यूल तैयार किया गया है। आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से पुलिस को अपराधियों के खिलाफ साक्ष्य इकट्ठा करना आसान होगा। जिससे उन्हें जल्द सजा हो सकेगी।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
छपराMay 24, 2026सारण में पोखरे में डूबने से छात्र की मौत, अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने पर हंगामा
क्राइमMay 24, 2026Robbery in Saran: सारण में दिनदहाड़े 18 लाख की लूट, हथियारबंद बदमाशों ने स्वर्ण व्यवसायी को बनाया निशाना
क्राइमMay 24, 2026Crime News Saran: ‘हम CBI से हैं…’ कहकर रोकी गाड़ी, फिर कट्टे के बल पर करोड़ों की लूट जैसी वारदात
करियर – शिक्षाMay 24, 2026BPSC अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी: मुफ्त में मिलेगी आवासीय कोचिंग की सुविधा







