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सबसे अनोखा गांव: यहां इंसानों से 10 गुना ज्यादा रहते हैं पुतले, खूबसूरती ऐसी की देखते ही रह जाएंगे

नेशनल डेस्क। आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताएंगे जहां, इंसानों से 10 गुना ज्यादा पुतले रहते हैं। ये गांव ही पुतलों का गांव कहलाता है। यहां बस स्टॉप से लेकर स्कूल-कॉलेज और दुकानों तक जहां आपकी नजर जाएगी, वहां आपको पुतले नजर आएंगे। इस गांव की खूबसूरती ऐसी है कि आप देखकर दंग रह जाएंगे।

जापान में है ये गांव
दुनिया का ये अनोखा गांव जापान के शिकोकू टापू पर स्थित है। इस गांव का नाम नागोरो है। इसे पुतलों के गांव के नाम से भी जाना जाता है। यहां स्थानीय भाषा में पुतलों को बिजुका कहा जाता है। इस गांव की कुल आबादी महज 30 है। वहीं, यहां 300 से ज्यादा पुतले रहते हैं। इस गांव में दुकानों पर ग्राहक, बस स्टॉप पर लोग और दूसरे स्थान इंसान नजर आएं या न आएं, लेकिन पुतले आपको जरूर दिखाई देंगे।

ऐसे बना था ये गांव
इस गांव को पुतलों का गांव बनने की कहानी काफी पुरानी और दिलचस्प है। पुतलों का गांव बनने की कहानी सिर्फ 10 साल पहले शुरू हुई थी। उस समय एक महिला ने स्कूलों में रखने के लिए पुतले बनाए थे। कहा जाता है कि एक समय इस गांव में बड़ी संख्या में लोग रहते थे, लेकिन काम की तलाश में लोग धीरे-धीरे पलायन करते चले गए।

इस तरह यह गांव देखते ही देखते खाली हो गया और सिर्फ कुछ ही लोग बचे रह गए। इस गांव में लोगों ने अकेलेपन को दूर करने के लिए यह तरीका निकाला। इसकी वजह से पूरे गांव में जगह-जगह पूतले लगा दिए गए।
सबसे खास बात यह है कि इन पुतलों को गांव की एक बुजुर्ग महिला ने बनाया है। महिला 70 साल से ज्यादा उम्र की है। बुजुर्ग महिला का कहना है कि उन्होंने इस गांव के सूनेपन को दूर करने के लिए यह काम किया है। बताया जाता है कि जब कोई अकेलापन महसूस करता है, तो पुतलों से बात करने लगता है।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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