बिहार

अब 4 लाख सालाना आय वाले भी ले सकेंगे 5 लाख तक चिकित्सा सहायता

बिहार कैबिनेट ने 13 प्रस्तावों को दी मंजूरी

पटना।  सरकार ने राज्य के निवासियों खासकर गरीब वर्ग के लोगों के लिए ईलाज की सुविधा बढ़ा दी है। अब सालाना 4 लाख रुपये की आमदनी वाले लोगों को भी मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता योजना का लाभ ले सकते हैं। पहले यह वार्षिक आय सीमा 2 लाख 50 हजार रुपये ही थी। मुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में इस आय सीमा को बढ़ाते हुए 4 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया। इसके दायरे में बड़ी संख्या में राज्य के लोग आ जाएंगे। इस योजना के तहत ईलाज के लिए सामान्य स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये सहायता देने का प्रावधान है।

बिहार कैबिनेट ने 13 प्रस्तावों को दी मंजूरी

कैबिनेट की बैठक में 13 एजेंडों पर मुहर लगी। इसमें लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव  अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के तहत भोजपुर जिला में बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क की स्थापना करने के लिए राशि जारी की गई। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के गैर लाभुक अवयव के तहत इस पार्क की स्थापना की गई है। इसमें केंद्रांश और राज्यांश मिलाकर 31 करोड़ 20 लाख 92 हजार रुपये दिए गए हैं। इससे राज्य के मात्स्यिकी एवं जल कृषि की संपूर्ण वैल्यू चेन एवं आधारभूत संरचनाओं के साथ-साथ मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता में गुणात्मक बढ़ोतरी, मत्स्य प्रसंस्करण, व्यापार, वैज्ञानिक मत्स्य पालन तकनीक की प्रशिक्षण तथा मनोरंजन गतिविधियों का समेकित रूप से समग्र विकास होगा।

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उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम का गठन

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार स्टेट पॉवर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत नॉर्थ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत द्विस्तरीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम का गठन करने पर सहमति मिली। इसके लिए मुख्य अभियंता के दो पद और विद्युत अधीक्षण अभियंता के दो पद के सृजन की स्वीकृति मिली। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की अवधि का विस्तार इस वर्ष 30 सितंबर तक कर दी गई है। योजना के कार्यान्वयन के लिए अनुमानित व्यय की राशि 164 करोड़ 51 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

उन्होंने कहा कि दरभंगा जिला में बन रहे एम्स के लिए चयनित भूखंड में निकटवर्ती नदियों की उड़ाही से प्राप्त मिट्टी या गाद का उपयोग कर मिट्टी भराई एवं समतलीकरण कार्य करने के लिए जल संसाधन विभाग को अधिकृत किया गया है। इसके लिए 184 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे पहले 309 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है। इस कार्य में खिरोई, बागमती समेत अन्य स्थानीय नदियों की उड़ाही कर गाद का उपयोग किया जाएगा।

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वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत बिहार स्वास्थ्य सेवा (सामान्य एवं विशेषज्ञ)/दंत चिकित्सक सेवा संवर्ग के चिकित्सकों को उच्च शिक्षा एवं विभिन्न प्रयोजन के एनओसी लेने के लिए कुछ शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसमें संबंधित चिकित्सक की सेवा संपुष्ट हो, 3 वर्ष की सेवा विभाग में पूर्ण कर ली हो, एक बार किसी कार्य के लिए अनुमति प्राप्त करने के बाद दूसरी बार अनुमति लेने में 5 वर्ष का अंतर होना अनिवार्य होना चाहिए।

19 नए पदों के सृजन की स्वीकृति

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के अंतर्गत सात निश्चय पार्ट-3 (2025-30) के अंतर्गत दोगुना रोजगार-दोगुनी आय के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रोजगार सृजन के लिए बिहार कौशल विकास मिशन के संगठनात्मक आवश्यकताओं, उत्पादकता, कार्यक्रमों के त्वरित क्रियान्वयन एवं प्रभारी प्रबंधन के लिए 19 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।

नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना योजना के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना कर वित्तीय वर्ष 2026-27 से 5 व्यवसायों में प्रशिक्षण शुरू करने, स्थापना के लिए कुल 38 पदों का सृजन तथा 2 करोड़ 11 लाख रुपये का व्यय करने की स्वीकृत दी गई। साथ ही नबीनगर स्थित भारतीय रेल बिजली कंपनी लिमिटेड के स्तर से निर्मित परिसर एवं सुविधाएं एकरारनामा के अनुरूप राज्य सरकार को मुफ्त हस्तांतरित करने की भी स्वीकृति दी गई है। कैमूर जिला के मोहनियां अंतर के दादर मौजा में 7 एकड़ भूमि पर डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन संयंत्र के निर्माण के लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग को मुफ्त जमीन हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई है।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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