Bihar Homestay Scheme: 16 जिलों के 34 पर्यटन स्थलों पर शुरू होगी होमस्टे योजना, सरकार देगी 10 लाख रुपये तक की सहायता
पर्यटकों को मिलेगा बिहारी मेहमाननवाजी का अनुभव

पटना। बिहार में पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार ने पहली बार मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में हुई कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित मसौदे पर मुहर लगी हुई है। इस योजना के तहत प्रदेश के 16 जिलों के 34 प्रमुख पर्यटन स्थलों का चयन किया गया है। योजना के तहत देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को होटलों के बजाय बिहारी परिवारों के घरों में ठहरने का अवसर मिलेगा। इससे पर्यटक बिहार की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक खानपान और आत्मीय आतिथ्य का अनुभव कर सकेंगे, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
ये 34 चुनिंदा पर्यटन स्थल शामिल
राज्य के 16 जिलों के 34 प्रमुख पर्यटन स्थलों को होमस्टे योजना के अंतर्गत चयनित किया गया है।
इनमें गया जिले के बोधगया महाबोधि मंदिर, विष्णुपद मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर, प्रेत शिला एवं गुरूपा हिल, नालंदा जिले के नालंदा महाविहार भग्नावशेष, पवापुरी का जल मंदिर, राजगीर रोपवे, राजगीर जू सफारी, नेचर सफारी एवं राजगीर कुंड, वैशाली का विश्वशांति स्तूप, कैमूर का मुंडेश्वरी मंदिर परिसर, पूर्वी चंपारण के केसरिया स्तूप एवं सीता कुंड, रोहतास के शेरशाह सूरी का मकबरा, मांझर कुंड एवं धुआं कुंड, पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व एवं गांधी आश्रम भितिहरवा, जहानाबाद की बराबर गुफाएं, नवादा का ककोलत जलप्रपात, बांका के मंदार पर्वत एवं ओढ़नी डैम, मुजफ्फरपुर की मनिकामन झील एवं गरीबनाथ धाम, मुंगेर का भीमबांध वन्य अभयारण्य, सीतामढ़ी के पुनौरा धाम एवं पंथ पाकड़, जमुई के लछुआर जैन मंदिर एवं नई नकटी डैम तथा औरंगाबाद का देव सूर्य मंदिर जैसे अनेक धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल शामिल हैं।
योजना में स्पष्ट शर्त रखी गई है कि होमस्टे इकाई संबंधित पर्यटन स्थल से अधिकतम 5 किलोमीटर के दायरे में ही होनी चाहिए, ताकि पर्यटक आसानी से स्थलों की यात्रा कर सकें और स्थानीय माहौल का पूरा आनंद ले सकें।
10 लाख तक की वित्तीय सहायता
योजना की सबसे आकर्षक पहलु वित्तीय सहायता है। एक होमस्टे में अधिकतम 8 कमरे ही स्वीकृत किए जाएंगे। सरकार प्रत्येक कमरे पर 2.5 लाख रुपये की सहायता देगी, जिससे कुल 10 लाख रुपये तक की मदद मिल सकेगी। महिलाओं और 18 से 25 वर्ष के युवाओं को प्रति कमरा अतिरिक्त 25 हजार रुपये यानी कुल 1 लाख रुपये की विशेष सहायता दी जाएगी। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को भी इसी तर्ज पर अतिरिक्त एक लाख रुपये तक का लाभ उपलब्ध होगा। विभाग ने अगले पांच वर्षो में 1 हजार कमरों के निबंधन का लक्ष्य रखा है।
युवा और महिलाओं को अच्छा फायदा मिलेगा
विभाग के अनुसार पर्यटन सिर्फ घूमने-देखने तक ही नहीं होना चाहिए। पर्यटक को बिहार के लोगों के जीवन, उनकी संस्कृति और प्यार भरे आतिथ्य से जुड़ना चाहिए, ताकि वह यादों में बस जाए। होमस्टे योजना ठीक इसी सोच को पूरा करने के लिए शुरू की गई है। इस योजना से बिहार की संस्कृति और विरासत पूरी दुनिया में और ज्यादा चमकदार तरीके से दिखेगी। गांवों में काम-धंधे बढ़ेंगे, जिससे स्थानीय कारीगर, किसान, युवा और महिलाओं को अच्छा फायदा मिलेगा। विभाग की ओर से जल्द ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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