
छपरा। सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र के नंदपुर गांव में छत पर बने अपने कमरे में अकेले सो रही एक अधेड़ महिला के घर में चोरी छिपे घुसे अपराधियों ने आलमीरा का ताला तोड़कर पहले जमकर लूटपाट की तथा बाद में महिला के पेट में चाकू गोदकर निर्ममता पूर्वक उसकी हत्या कर दी. मृतका की पहचान नंदपुर गांव निवासी नसरुद्दीन की पत्नी कमरूल बेगम के रूप में किया गया.
छत पर कमरे में सोयी थी महिला
मंगलवार को अहले सुबह रोजा सेहरी करने के लिए पड़ोसियों ने आंगन से महिला को आवाज लेकिन महिला के कमरे से कोई जबाब नही मिला. बाद में परिजन छत पर बने महिला के खुले पड़े कमरे में अस्त ब्यस्त सामान के अलावा पलंग पर लटका पड़ा शव देखकर चीखने चिल्लाने लग.
घरवालों का शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए तथा परिजनों के रुदन क्रंदन से आसपास का माहौल गमगीन हो गया. लूटपाट के दौरान हत्या की घटना को अंजाम देते समय मकान के नीचे बने कमरों में रह रहे दर्जन भर पड़ोसियों को इस घटना की भनक तक नही लगी. घटना सोमवार की रात की है.
घटना की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दिया. घटना की सूचना मिलने के बाद थानाध्यक्ष विनोद कुमार दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुच कर मामले की छानबीन में जुट गये. बाद में पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा भेज दिया.
घटना की जांच के लिए पहुचे वरीय पुलिस पदाधिकारी
घटना की जांच के लिए पुलिस के वरीय पदाधिकारी सहित फॉरेंसिक टीम पहुचीघटना स्थल पर पहुची. सदर एसडीपीओ(दो)राजकुमार ने पहुच कर मामले की छानबीन में जुट गये. उन्होंने थानाध्यक्ष को घटना से सम्बंधित कई महत्वपूर्ण निर्देश दिया.उधर फॉरेंसिक टीम घटना स्थल पर पहुचकर कमरे में से कई नमुने एकत्रित किया.
ग्रामीणों ने एसडीपीओ से घटना में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी की माग पर अड़े रहे.इस घटना में शामिल अपराधियों की पहचान तथा इसके गिरफ्तारी के एसआईटी की गठन की माग पर अड़े रहे.ग्रामीणों ने मांग पर एसआईटी गठन की अनुशंसा करने के साथ साथ घटना के शीघ्र उद्भेदन का उन्होंने आश्वासन दिया.
पति व बेटे रहते है कोलकता में
मृतका के पति व पुत्र दोनो कोलकता में रहते है.मृतका कमरूल बेगम उम्र 55 वर्ष का पति नसरुद्दीन कोलकाता में रहकर लॉन्ड्री का दुकान चलाता है जबकि एकमात्र पुत्र समसुद्दीन कोलकाता में ही नौकरी करता है. इधर महिला पिछले लगभग ढाई वर्षों से अपने लाडले बकरे के पालन पोषण के उद्देश्य से गांव में ही रहती थी.
बकरे से था गहरा लगाव
बकरे से महिला को इतना अधिक प्यार था कि वह दिन रात उसे अपने साथ ही रखती थी. मृतका उसे बेटा कहकर बुलाती थी तो वह दौड़ा चला आता था. बकरा दिन भर उसके पीछे पीछे इधर उधर घूमता था तथा रात में उसी कमरे में उसके बेड के नीचे सोता था.
घटना के बाद सफेद रंग वह पालतू बकरा मृतका के दरवाजे पर गुमसुम पड़ा हुआ था तथा गांव के लड़कों के लाख प्रयास के बावजूद वह कुछ खा पी नही रहा था. दरवाजे पर जमा सैकड़ों शोकाकुल लोगों की भीड़ में शामिल लोग बकरे के महिला के साथ आत्मिक लगाव की चर्चा कर रहे थे.
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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