बारिश के मौसम में तेजी से फैलती हैं ये 5 बीमारियां, बच्चों के इससे बचाने का जाने तरीका :डॉ इशिका

छपरा : बारिश के मौसम में गर्मी से तो राहत मिल जाती है लेकिन इस दौरान इंफेक्शन का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। दरअसल, बारिश के महीने में ह्यूमिडिटी बहुत ज्यादा होती है, जिसकी वजह से बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपने लगते हैं। ऐसे में पानी, खाने और मच्छरों से संक्रमण से हो सकता है बीमारी ।
छपरा सदर अस्पताल में पदस्थापित एवं शहर के नगरपालिका चौक स्थिति देव रक्षित एंड न्यूबॉर्न केयर की संचालिका डॉ इशिका सिन्हा ने बताया कि बारिश के मौसम में फैलने वाली बीमारियां- बारिश के मौसम में जगह-जगह पर पानी जमा हो जाता है और मच्छर काफी ज्यादा बढ़ जाते है। जिसकी वजह से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के होने का खतरा रहता है। ये मच्छरों के काटने से फैलने वाली खतरनाक बीमारियां हैं।
वायरल इंफेक्शन:
फंगल इंफेक्शन, बैक्टीरियल इनफेक्शन, स्टमक इंफेक्शन और फुट इंफेक्शन जैसी बीमारियां भी इस दौरान होना काफी कॉमन है। ये सभी वायरल इंफेक्शन हैं जो एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में आसानी से पहुंचते हैं।
एयरबोर्न डिजीज:
सर्दी, फ्लू, इन्फ्लूएंजा, बुखार, गले में खराश और दूसरी एयरबोर्न इनफेक्शन भी इस मौसम में बढ़ते हैं। ये सभी एयरबोर्न बैक्टीरिया द्वारा फैलने वाली बीमारियां हैं। जिन लोगों के इम्यून सिस्टम कमजोर होते है या तो विकसित हो रहे है होते हैं उन लोगों को इन संक्रमित बीमारियों के होने का खतरा ज्यादा होता है।
वॉटर बोर्न डिजीज:
मॉनसून में वॉटर बोर्न डिजीज जैसे डायरिया, जौंडिस, हेपेटाइटिस ए, टाइफाइड, हैजा और पेट से जुड़े संक्रमण होने की संभावना बनी रहती है। गंदे पानी की वजह से ये संक्रमण फैलता है।
निमोनिया:
इस दौरान निमोनिया जैसी बीमारी भी तेजी से बढ़ती हैं। दरअसल निमोनिया वाले बैक्टीरिया और वायरस हवा में मौजूद होते हैं। यह सांस लेने के दौरान शरीर में जाते हैं और व्यक्ति को संक्रमित कर देते हैं। इसके कारण लंग्स में हवा भर जाती है और सूजन की समस्या भी होती है।
इस मौसम में बच्चों को कैसे रखें सुरक्षित
• इस दौरान बच्चों को हेल्दी खाना खिलाएं। उनकी डायट में फल, दूध, अंडे और नट्स को शामिल करें। फलों और सब्जियों को खाने से पहले अच्छी तरह धोएं।
• बच्चों को समय-समय पर गर्म पानी दें। मसालेदार, मीठा और पैकेट वाले खाने को खिलाने से बचें। घर का बना खाना खाने की कोशिश करें।
• ध्यान रखें कि बच्चा खाने से पहले और शौचालय का इस्तेमाल करने के बाद अपने हाथ धोए।
•बच्चों के कपड़े चेक करते रहें, वह हमेशा सूखे हों। गीले कपड़े पहने रहने से फंगल संक्रमण हो सकता है।
• बच्चे को फुल स्लीव्स के कपड़े पहनाएं ताकी मच्छरों के काटने से बचाया जा सके।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- July 23, 2026बिहारजेपी गंगा पथ पर बनेगा विश्वस्तरीय रिवरफ्रंट पार्क: 387 करोड़ की परियोजना से बदलेगी गंगा तट की तस्वीर
- July 23, 2026बिहारक्रिकेटर आकाश दीप और मुकेश सिंह बने DSP, बिहार सरकार ने 161 खिलाड़ियों को दी सरकारी नौकरी
- July 23, 2026छपराछपरा में ई-वाहन खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले! सरकार देगी ₹1 लाख तक का अनुदान
- July 23, 2026छपराPathological Test Lab: अब छपरा सदर अस्पताल में 127 तरह की जांच एक ही छत के नीचे, डीएम ने पैथोलॉजिकल टेस्ट लैब का किया उद्घाटन



