सारण में सभी सरकारी स्कूलों की भूमि का होगा दाखिल-खारिज, DM का बड़ा आदेश
अब बिना भूमि नहीं रहेगा कोई भी सरकारी विद्यालय

छपरा। सारण जिले के सभी सरकारी विद्यालयों की भूमि को लेकर अब दाखिल-खारिज की प्रक्रिया तेज़ की जाएगी। जिलाधिकारी अमन समीर ने इस संबंध में सभी अंचलाधिकारियों (CO) को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भूमिहीन विद्यालयों के लिए प्राथमिकता के आधार पर भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भेजा जाए, ताकि जिले के हर सरकारी विद्यालय के नाम पर अधिकृत भूमि दर्ज हो सके।
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जिलाधिकारी ने इस विषय पर मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में अपर समाहर्त्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) तथा सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी के मुख्य निर्देश
- भूमिहीन विद्यालयों के लिए भूमि चिन्हित करें – संबंधित अंचलाधिकारी ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार कर तत्काल प्रस्ताव भेजें।
- दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी करें – जिन विद्यालयों के पास भूमि है, उनके रिकॉर्ड खंगालकर दाखिल-खारिज की औपचारिकता प्राथमिकता से पूरी कराई जाए।
- विद्यालयों को आवेदन सुनिश्चित कराएं – जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक विद्यालय से दाखिल-खारिज हेतु आवेदन समय पर उपलब्ध कराया जाए।
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क्यों ज़रूरी है यह कदम?
जिले में कई ऐसे विद्यालय हैं जिनके पास अपनी अधिकृत भूमि का अभिलेख (खाता-खेसरा/दाखिल-खारिज) उपलब्ध नहीं है। इससे भवन निर्माण, मरम्मत और सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में अक्सर बाधा आती है। दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी होने से इन विद्यालयों को स्थायी दर्जा मिलेगा और शिक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में आसानी होगी।
डीएम अमन समीर ने स्पष्ट कहा कि भूमिहीन विद्यालयों के लिए भूमि चिन्हित करना और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया हर हाल में शीघ्र पूरी होनी चाहिए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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