
छपरा। भारतीय रेलवे ने नकली या छेड़छाड़ किए गए अनारक्षित टिकटों का पता लगाने के लिए एक नया ऐप विकसित किया है। सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) द्वारा तैयार किए गए इस ऐप का उद्देश्य टिकट चेकिंग के दौरान सत्यापन को सरल और प्रभावी बनाना है।
इस ऐप के माध्यम से, टीटीई (टिकट परीक्षक) अब UTS (अनारक्षित टिकटिंग सिस्टम) टिकटों को तुरंत सत्यापित कर सकते हैं। ऐप में टिकटों की संख्या फीड करने और UTS सर्वर से विवरण जांचने का विकल्प उपलब्ध है, जिससे टिकटों की सटीकता की पुष्टि की जा सकती है।
साथ ही, ऐप QR कोड को स्कैन कर पेपर टिकटों की वैधता भी सुनिश्चित कर सकता है। स्कैनिंग के बाद, ‘चेक विद सर्वर’ विकल्प के माध्यम से टिकट की वैधता की पुष्टि की जाती है।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह पहल उन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए की गई है जो विभिन्न स्टेशनों पर नकली या छेड़छाड़ किए गए टिकटों के बारे में आई थीं, जिनसे रेलवे को हर साल लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। यह ऐप सभी जोनल रेलवे के कंसोल के साथ साझा किया जा चुका है और इसे एंड्रॉयड डिवाइस में इंस्टॉल किया जा सकता है।
ऐप के फायदे:
टीटीई ऐप नकली या एडिट किए गए टिकटों के इस्तेमाल पर लगाम लगाने और ऐसा करने वालों की पहचान करने में मदद करेगा. अब टीटीई स्टाफ टिकट को तुरंत वेरिफाई कर सकेगा और अगर टिकट नकली पाया जाता है तो वे उससे जुर्माना वसूलेंगे.कैसे काम करता है ऐप
टीटीई स्टाफ को टिकट वेरिफिकेशन के लिए एचएमटी मशीन दी गई है. इसमें यह ऐप अपलोड किया गया है. इस टीटीई ऐप में जैसे ही टिकट का यूटीएस नंबर फीड होगा या क्यूआर कोड स्कैन होगा, टिकट की डिटेल सामने आ जाएगी कि यह असली है या नकली. वेरिफिकेशन के बाद टिकट को वैलिडेट करने का भी ऐप में ऑप्शन है.
रंग से करें टिकट वेरिफाई:
टीटीई ऐप में रंग से टिकट वेरिफाई करने का भी ऑप्शन है। इसके तहत कलर चेक मेन्यू के ऑप्शन से टिकट की वैलिडिटी चेक की जा सकती है. अगर मोबाइल स्क्रीन पर प्रदर्शित यूटीएस टिकट का रंग उस दिन के मोबाइल यूटीएस टिकट के लिए रेलवे द्वारा निर्धारित रंग से भिन्न है, तो टिकट पर की गई धोखाधड़ी का तुरंत पता चल जाएगा और यात्री को जुर्माना देना होगा.CRIS के अनुसार, अनारक्षित टिकटिंग सिस्टम का उद्देश्य प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ यात्रियों की टिकट आवश्यकताओं को पूरा करने में सुविधा प्रदान करना और प्रति मिनट 25,000 से अधिक टिकट बुकिंग क्षमता, और ट्रेन की आवाजाही और आगमन या प्रस्थान के बारे में प्रतिदिन 20 करोड़ से अधिक पूछताछ को मैनेज करना है.
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- August 22, 2026छपरासारण में जमीन निबंधन की राह होगी आसान! तीन हेल्पडेस्क, फ्लो चार्ट और टीवी स्क्रीन से मिलेगी पूरी जानकारी
- August 21, 2026क्राइमSaran Crime News: सारण में आभूषण व्यवसायी से लूटकांड का खुलासा, पुलिस ने एक बदमाश को दबोचा
- August 21, 2026क्राइमBihar Contract Killers: बिहार में सुपारी किलरों की बनी कुंडली, STF ने 350 से ज्यादा को किया चिन्हित
- August 19, 2026क्राइमChhapra Crime News: रिविलगंज में हथियार के बल पर बाइक लूटने वाले गिरोह का खुलासा, दो गिरफ्तार



