
पटना। राज्य में नीरा के उत्पादन और बिक्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित ‘मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना’ को वर्ष 2025 से लागू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2026 के नीरा सीज़न (अप्रैल से जुलाई, 2026) में व्यापक रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
लाइसेंस प्रक्रिया पर विशेष जोर
‘बिहार नीरा (ताड़ का खमीर मुक्त रस) नियमावली, 2017’ के प्रावधानों के अनुसार ताड़ के पेड़ों से नीरा निकालने के लिए टैपर्स को लाइसेंस प्रदान किया जाता है, जिसका नवीकरण प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अनिवार्य रूप से किया जाता है।
पुराने लाइसेंस का नवीकरण और नए आवेदन
मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के स्तर से संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका के साथ समन्वय स्थापित करते हुए वर्ष 2025-26 में लाइसेंस प्राप्त सभी टैपर्स के लाइसेंस का नवीकरण वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सुनिश्चित करें। साथ ही नए टैपर्स से प्राप्त आवेदनों की जांच कर उन्हें शीघ्र लाइसेंस भी निर्गत किया जाए।
रोजगार और स्वास्थ्य पर फोकस
राज्य सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का सृजन करना व नीरा को एक स्वास्थ्यवर्धक पेय के रूप में व्यापक रूप से प्रोत्साहित करना है। नीरा ताड़ के पेड़ों से प्राप्त खमीर-मुक्त प्राकृतिक रस है।
इसके निकालने का कार्य सिर्फ लाइसेंस प्राप्त टैपर्स ही कर सकते हैं। जीविका नीरा उत्पाद समूह के साथ पंजीकृत टैपर्स को मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग की तरफ से विधिवत लाइसेंस प्रदान जारी किया जाता है, जिसके आधार पर वे नीरा निकालते हैं।
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- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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