
Bihar Ration Card E-kyc: सही लाभुकों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से राशन पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार ने राशन कार्डधारियों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य कर दिया है। भारत सरकार के निर्देश पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराने में जुटा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी अब तक नहीं हुआ है, वे 28 फरवरी तक राशन कार्ड में अंकित प्रत्येक सदस्य का ई-केवाईसी अवश्य करा लें।
मोबाइल ऐप से घर बैठे होगी ई-केवाईसी
लाभुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने फेशियल ई-केवाईसी मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके जरिए लाभुक अपने मोबाइल फोन से ही चेहरे की पहचान (Facial Authentication) द्वारा ई-केवाईसी कर सकते हैं। इस सुविधा का विशेष लाभ उन राशन कार्डधारियों को मिलेगा, जो राज्य से बाहर निवास कर रहे हैं। वे घर बैठे अपना ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं। हालांकि, आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल को छोड़कर अन्य राज्यों में रह रहे लाभुक यह सुविधा ले सकते हैं।
क्या है ई-केवाईसी और क्यों जरूरी
ई-केवाईसी लाभुकों की पहचान की एक तकनीकी और सुरक्षित प्रक्रिया है, जिसमें बायोमेट्रिक आंकड़ों—जैसे हाथ की उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट), आईरिस स्कैन या चेहरे की पहचान—के माध्यम से सत्यापन किया जाता है। इससे फर्जी और अपात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाया जा सकेगा और वास्तविक जरूरतमंदों को ही राशन का लाभ मिलेगा।
पीडीएस दुकान पर भी उपलब्ध है निशुल्क सुविधा
जो लाभुक मोबाइल ऐप से ई-केवाईसी नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान पर ई-पॉस मशीन के माध्यम से निशुल्क ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है। यहां बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए आसानी से ई-केवाईसी कराई जा सकती है।
सहायता और शिकायत के लिए संपर्क
ई-केवाईसी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए लाभुक अपने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी या जिला आपूर्ति पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की शिकायत या सुझाव के लिए विभागीय टॉल फ्री नंबर 1800-3456-194 पर संपर्क किया जा सकता है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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