
छपरा। करीब 17 वर्ष पुराने हत्या मामले में छपरा व्यवहार न्यायालय ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर तीनों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद एवं अर्थदंड से दंडित किया।
20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया
यह फैसला अनिल कुमार भारद्वाज की अदालत ने सुनाया। न्यायालय ने खैरा थाना क्षेत्र के खैरा निवासी तथा वर्तमान में छपरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हेमनगर निवासी सुबोध राय, सुधीर राय और वीरेंद्र राय को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
इसके अतिरिक्त अदालत ने धारा 341/34 के तहत एक माह के साधारण कारावास और जुर्माने की सजा भी सुनाई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी होगी।
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रेलवे क्वार्टर विवाद में हुई थी वारदात
अभियोजन पक्ष के अनुसार संजीत कुमार यादव, जो सोनपुर थाना क्षेत्र के रहर दियर निवासी तथा वर्तमान में छपरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शिव टोला रामनगर में रह रहे थे, ने 6 फरवरी 2009 को पटना स्थित राजेश्वर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान अपना फर्द बयान दर्ज कराया था।
बयान में उन्होंने बताया था कि 1 फरवरी 2009 की शाम लगभग साढ़े सात बजे वह ड्यूटी कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान साड़ा डाला स्थित सेंट्रल बैंक के पास तीनों आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और रेलवे क्वार्टर खाली कराने के विवाद को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी।
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चाकू से गोदकर की गयी थी हत्या
आरोप है कि इसी दौरान तीनों ने मिलकर उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल संजीत कुमार यादव को सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया।
इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने 20 जून 2009 को मामले को हत्या में परिवर्तित कर दिया था।
आठ गवाहों की गवाही बनी अहम आधार
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विमल चंद्र ने चिकित्सक, अनुसंधानकर्ता समेत कुल आठ गवाहों की गवाही अदालत में प्रस्तुत की। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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