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Bihar University: पटना में माता सीता महिला विश्वविद्यालय और बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की होगी स्थापना

नवादा के वारिसलीगंज इलाके में स्थापित होगी चीनी मिल

पटना। राजधानी पटना और बेगूसराय में दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना होगी। पटना में माता सीता महिला विश्वविद्यालय और बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय खुलने जा रहा है। बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के तहत इनके गठन का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में  आयोजित कैबिनेट की बैठक में इनकी स्थापना से संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लगी। इस दौरान कुल 24 एजेंडों पर मुहर लगी। कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में विस्तृत जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव  अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेसा वार्ता में दी।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पटना विश्वविद्यालय के महाविद्यालयों को छोड़कर माता सीता महिला विश्वविद्यालय के अधीन पटना जिला में मौजूद अन्य सभी अंगीभूत महिला महाविद्यालय एवं संबद्धता प्राप्त महिला महाविद्यालय आएंगे। इसके अलावा बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय के दायरे में बेगूसराय और खगड़िया जिले में मौजूद संबद्धता प्राप्त महाविद्यालय एवं अंगीभूत महाविद्यालय होंगे। हालांकि इसके दायरे में दरभंगा स्थित कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालय एवं अंगीभूत महाविद्यालय नहीं आएंगे। इन दोनों विश्वविद्यालयों में पदाधिकारियों और कर्मियों के वेतन समेत अन्य के लिए 15 करोड़ रुपये जारी की गई है।

नवादा के वारिसलीगंज इलाके में स्थापित होगी चीनी मिल

नवादा जिले में गन्ना की मिठास लौटाने को लेकर एक अहम निर्णय कैबिनेट में लिया गया। जिले के वारिसलीगंज अंचल के मकनपुर मौजा में 99.39 रकवा जमीन चीनी मिल की स्थापना के लिए गन्ना उद्योग विभाग को मुफ्त ट्रांसफर की गई है। इस मामले में मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर यह जानकारी साझा की है कि इससे 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। इससे नवादा, नालंदा, शेखपुरा और जमुई के हजारों किसानों को सीधा लाभ होगा।

मुख्यमंत्री गौधन विकास योजना से पशुपालकों को ब्याज मुक्त ऋण

कैबिनेट में लिए गए एक अन्य निर्णय के तहत मुख्यमंत्री गौधन विकास ऋण योजना के अंतर्गत पशुपालकों को बैंक से ऋण के ब्याज पर 100 फीसदी अनुदान मिलेगा, जिससे किसानों को सिर्फ मूलधन ही चुकाना होगा। ऋण की किश्तें दूध बिक्री से कट जाएंगी और कॉम्फेड इसमें गारंटर की भूमिका निभाएगा। इससे उन्नत गायों या भैंसों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और 50 फीसदी महिला पशुपालकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। एक अन्य अहम निर्णय के तहत कोसी क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने और दुग्ध उत्पादकों की आय में बढ़ोतरी करने के उदेश्य से सुपौल, मधेपुरा और सहरसा जिलों में 100 फीसदी सहायता अनुदान उपलब्ध कराई जाएगी।

सात निश्चय-3 के तहत यह योजना शामिल है। इसके अंतर्गत आधुनिक दही और प्रीमियम आइसक्रीम प्वांट, मिल्क चिलिंग प्लांट, 500 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन समेत अन्य का विकास हो सकेगा। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अंतर्गत लिए गए एक अन्य निर्णय के तहत राज्य में पशु चिकित्सा सेवाओं के पुनर्गठन एवं सुदृढ़ीकरण करने का फैसला लिया गया है।

इसके अतिरिक्त सीवान के बसंतपुर, भगवानपुर हाट और गोरेयाकोठी प्रखंडों में नाबार्ड से ऋण लेकर एकीकृत मत्स्यपालन एवं जलीय कृषि विकास की योजना क्रियान्वित की जाएगी। इसके अंतर्गत नए तालाब, आधुनिकी हैचरी, बॉयोफॉल्क समेत 28 घटक प्रस्ताविक हैं। वहीं, केंद्र प्रायोजित पशुधन गणना एवं एकीकृत न्यादर्श सर्वेक्षण के लिए 81 पदों के सृजन की अनुमति मिली है।

पुलिस आधुनिकीकरण के लिए राशि जारी

जिला पुलिस, रेल पुलिस, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक (मादक पदार्थ) नियंत्रण ब्यूरो के सुदृढ़ीकरण तथा लोक भवन के उपयोग के लिए उपकरणों या उपस्करों की खरीद के लिए 33 करोड़ 68 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा केंद्र प्रायोजित पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता योजना के अंतर्गत भीड़ नियंत्रण एवं प्रबंधन, नक्सल या अपराध निरोधी ऑपरेशन, आपदा प्रबंधन समेत ऐसे अन्य कार्यों को ध्यान में रखते हुए 50 ड्रोन की खरीद के लिए 24 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस प्रस्ताव का उदेश्य विभिन्न पुलिस अभियानों में ड्रोन तकनीक का उपयोग कर सुरक्षा और निगरानी को बढ़ाना, आपदा प्रबंधन में सहायता करना और अपराध नियंत्रण में वृद्धि करना है।

बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में लंबित मामलों के प्रभावी अनुश्रवण एवं समन्वय के लिए समन्वय पोर्टल विकसित करने की योजना है। इसके लिए एनआईसी (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र) का चयन किया गया है।

बिहार जल संसाधन विकास निगम लिमिटेड का गठन

जल संसाधन विभाग के अंतर्गत गैर-परंपरागत कार्यों मसलन सतही जल का पेयजल के रूप में उपयोग करने समेत अन्य कार्यों के लिए बिहार जल संसाधन विकास निगम लिमिटेड का गठन किया जाएगा। आधुनिक जल प्रबंधन, दीर्घकालीन जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के उदेश्य जल संसाधन विभाग के अंतर्गत एक स्वायत, पेशेवर एवं परिणामोन्मुखी संस्थागत तंत्र के तौर पर इस कंपनी का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त पटना नगर निगम को वर्ष 1993-94 से 2004-05 तक उनके कर्मियों के वेतन समेत अन्य के भुगतान के लिए राज्य सरकार के स्तर से ऋण के तौर पर दी गई 41 करोड़ 41 हजार रुपये को अनुदान के तौर पर समायोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

कटिहार में बनेगा आईबी पोस्ट

कटिहार जिला के दलन मौजा में 35 डिसीमिल जमीन आईबी पोस्ट कार्यालय सह आवासीय परिसर बनाने के लिए गृह मंत्रालय को हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह जाहनाबाद के एरकी मौजा में एसआईबी का कार्यालय सह आवासीय भवन के निर्माण के लिए 17.2 डिसमिल जमीन गृह मंत्रालय को हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई है।

राज्य सरकार ने लेह (जम्मू-कश्मीर) में युद्ध जैसी स्थिति के दौरान 16 फरवरी 2025 को शहीद हुए सुबेदार संतोष कुमार की पत्नी कनक कुमार को अनुकंपा के आधार पर राज्य सरकार में नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत जीपीओ गोलंबर के नजदीक मल्टी मॉडल हब को पटना जंक्शन से जोड़ने वाली भूमिगत (सब-वे) का नामकरण आचार्य किशोर कुणाल सब-वे करने का निर्णय लिया गया है। बिहार राज्य मछुआरा आयोग के सदस्यों को मानदेय, वाहन भत्ता समेत अन्य के मद में समेकित रूप से 50 हजार रुपये प्रति महीने की दर से भुगतान किया जाएगा।

गांधी जयंती पर छोड़े जाएंगे बंदी

राज्य में 2 अक्टूबर गांधी जयंती के मौके पर बंदियों को रिहा किया जाएगा। राज्य सरकार चिन्हित श्रेणियों में सजावार बंदियों को विशेष परिहार का लाभ देकर इन्हें रिहा करने का प्रस्ताव है। जिला स्तर पर गठित समिति के स्तर से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर राज्य स्तर पर गठित समिति के स्तर से इन्हें छोड़ने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के अंतर्गत गठित आयोग या बोर्ड, निगम, पर्षद, समितियों समेत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं मंत्री या राज्य मंत्री या उप-मंत्री की सुविधा पाने वाले अन्य लोगों के वेतन, दैनिक भत्ता एवं आतिथ्य भत्ता में बढ़ोतरी की गई है। अब इनका वेतन 25 हजार रुपये के स्थान पर 65 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है। दैनिक भत्ता 1 हजार रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये कर दिया गया है।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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