पटना। समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के साथ अभद्र व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मुख्यालय की सोशल मीडिया निगरानी के दौरान सामने आए वीडियो का तत्काल तकनीकी सत्यापन कराया गया, जिसके बाद घटनास्थल की पहचान की गई और वीडियो में दिखाई दे रहे सभी चार आरोपियों तक पुलिस पहुंच गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने लोगों से वीडियो को आगे प्रसारित नहीं करने और किसी भी ऐसे पोस्ट से बचने की अपील की है, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो सकती है।
पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो में 3-4 लोग एक लड़की के साथ अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तकनीकी माध्यमों से इसकी पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल की पहचान कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव में बांध के समीप सड़क किनारे के रूप में हुई।
एक सप्ताह पुरानी बताई जा रही घटना
पुलिस के मुताबिक, घटना करीब एक सप्ताह पुरानी बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय की सोशल मीडिया निगरानी इकाई ने इसे संज्ञान में लिया। पीड़िता की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाने और घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पदाधिकारी के बयान पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
इसके बाद तकनीकी सत्यापन, उपलब्ध वीडियो सामग्री और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
गिरफ्तार आरोपियों में विकास कुमार, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी तीनों जगतसिंहपुर गांव के निवासी बताए गए हैं। चौथा आरोपी अवधेश पासवान कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के बिजौलिया गांव का रहने वाला है।
पुलिस ने चारों को गिरफ्तार करने के बाद उनके खिलाफ आगे की विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच में वीडियो समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है।
पुलिस ने लोगों से की वीडियो नहीं शेयर करने की अपील
मामले को लेकर पुलिस ने खास तौर पर आम लोगों, मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वीडियो को दोबारा साझा या प्रसारित न करें। पुलिस ने कहा है कि ऐसा करने से पीड़िता की पहचान उजागर होने का खतरा रहता है और उसे मानसिक तथा सामाजिक नुकसान पहुंच सकता है।
पुलिस ने लोगों से ऐसे किसी भी पोस्ट, टिप्पणी या सामग्री को साझा करने से बचने को कहा है, जिससे नाबालिग पीड़िता की पहचान सामने आए। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री को सार्वजनिक मंच पर प्रसारित करना कानूनन गंभीर विषय है।
तकनीकी जांच से हुई घटनास्थल और आरोपियों की पहचान
पुलिस ने वायरल वीडियो का तत्काल तकनीकी सत्यापन कराया। इसी प्रक्रिया के जरिए वीडियो में दिखाई दे रहे स्थान की पहचान करने के साथ आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की गई। सोशल मीडिया पर सामने आने वाली आपत्तिजनक सामग्री पर पुलिस की निगरानी और तकनीकी जांच तंत्र के जरिए त्वरित कार्रवाई को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पॉक्सो समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज
पीड़िता की पहचान स्थापित नहीं हो पाने और घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पदाधिकारी के बयान पर कर्पूरीग्राम थाना कांड संख्या 117/26, दिनांक 24 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की सुसंगत धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता की गरिमा और निजता का सम्मान करते हुए किसी भी तरह की वीडियो सामग्री, पहचान संबंधी जानकारी अथवा आपत्तिजनक पोस्ट को साझा न करें।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- November 7, 2026छपराChhapra Job: सारण में सहायक कार्यकर्ता के 20 पदों पर होगी बहाली, 28 नवंबर तक करें आवेदन
- November 7, 2026छपराछपरा में दीपावली से पहले मिठाई दुकानों पर छापेमारी, 7 दुकानों से लिए गए सैंपल
- November 7, 2026क्राइमChhapra News: ट्रक में तहखाना बनाकर लाई जा रही थी 665 लीटर विदेशी शराब, मढ़ौरा में दो तस्कर गिरफ्तार
- November 7, 2026क्राइमChhapra Court News: भाभी की हत्या के मामले में देवर को आजीवन कारावास, आठ साल बाद आया अदालत का फैसला



