छपरा

Chhapra Flood Alert: गंडक में बढ़ेगा पानी तो क्या होगा? सारण प्रशासन अलर्ट, तटबंधों की 24 घंटे निगरानी के निर्देश

बाढ़ आई तो कहां जाएंगे लोग, पहले से तैयार रहे प्लान

छपरा। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश और गंडक नदी में संभावित तेज जलवृद्धि को देखते हुए सारण जिला प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है। प्रशासन ने गंडक नदी से लगे प्रखंडों में 24 घंटे सतत निगरानी, तटबंधों की लगातार पेट्रोलिंग और किसी भी प्रकार के रिसाव, सीपेज या क्षति की सूचना मिलते ही तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। संभावित स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने दरियापुर के मगरपाल छड़की सहित संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर बाढ़ नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों और अभियंताओं को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने को कहा।

प्रशासन के अनुसार नेपाल में हुई अतिवृष्टि के कारण गंडक नदी में करीब चार लाख क्यूसेक पानी आने की संभावित स्थिति को देखते हुए अगले 24 से 36 घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इससे नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका है। राज्य जल संसाधन विभाग की ओर से भी 27 सितंबर की मध्यरात्रि तक गंडक बैराज पर करीब 3.81 लाख क्यूसेक पानी पहुंचने का अनुमान जताया गया था। वहीं 26 सितंबर को दुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से 0.06 मीटर ऊपर दर्ज किया गया और बढ़ने की स्थिति में था।

मगरपाल छड़की समेत संवेदनशील तटबंधों का निरीक्षण

संभावित जलवृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी ने दरियापुर प्रखंड के मगरपाल छड़की और जलस्तर बढ़ने की आशंका वाले अन्य क्षेत्रों में तटबंधों का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण कार्यों की मौके पर स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल को निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ नियंत्रण एवं सुरक्षात्मक कार्यों में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक सामग्रियों का पर्याप्त भंडारण पहले से सुनिश्चित किया जाए। उनका निर्देश था कि आवश्यकता पड़ने पर बचाव और सुरक्षा कार्य में सामग्री जुटाने में समय बर्बाद न हो।

उन्होंने सभी तटबंधों की नियमित और लगातार निगरानी के साथ पेट्रोलिंग बढ़ाने को कहा। तटबंध पर कहीं भी सीपेज, रिसाव, दरार या कमजोर स्थिति दिखाई देने पर तत्काल निरोधात्मक और सुरक्षात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

पानापुर से सोनपुर तक तटवर्ती प्रखंड अलर्ट

संभावित जलवृद्धि के मद्देनजर पानापुर, तरैया, अमनौर, मकेर, परसा, दरियापुर और सोनपुर समेत गंडक नदी के तटवर्ती प्रखंडों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर लगातार नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

जिला प्रशासन ने तटवर्ती पंचायतों में माइकिंग के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को कहा है, ताकि ग्रामीणों को संभावित जलवृद्धि की जानकारी समय पर मिल सके। प्रशासन ने लोगों को सावधान रहने के साथ-साथ अनावश्यक रूप से भयभीत नहीं होने के लिए भी जागरूक करने का निर्देश दिया है।

बाढ़ आई तो कहां जाएंगे लोग, पहले से तैयार रहे प्लान

प्रशासन ने संभावित जलभराव की स्थिति में प्रभावित लोगों के सुरक्षित निष्क्रमण की पूर्व योजना तैयार रखने का निर्देश दिया है। इसके लिए चिन्हित विद्यालयों और अन्य सुरक्षित भवनों में आश्रय स्थल तथा सामुदायिक रसोई की व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है।

स्थानीय स्तर पर तैनात विकास मित्र, आवास सहायक और अन्य कर्मियों को आवश्यकता के अनुसार 24 घंटे प्रतिनियुक्त करने तथा गांवों में तैनात चौकीदारों को भी सतर्क रखने का निर्देश दिया गया है। उद्देश्य यह है कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रशासन को जमीनी सूचना तत्काल मिल सके और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में देरी न हो।

जनप्रतिनिधियों को भी साथ लेकर चलेगा प्रशासन

जिला प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी साझा करने को कहा है। पंचायत स्तर के प्रतिनिधियों से भी ग्रामीणों तक समय पर सूचना पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सहयोग लेने की तैयारी है।

प्रशासन का जोर स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय रखने पर है, ताकि जलस्तर, तटबंधों या सड़क संपर्क से जुड़ी किसी भी समस्या की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष और संबंधित विभाग तक पहुंच सके।

मकेर और मगरपाल छड़की पर विशेष नजर

बैठक में मकेर क्षेत्र की स्थिति पर भी विशेष चर्चा की गई। प्रशासन के अनुसार यहां पहले करीब 8 से 10 घरों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर निष्क्रमित कराया गया था। जिलाधिकारी ने सदर डीसीएलआर को वहां वर्तमान जलस्तर और लोगों की स्थिति की जानकारी लेने का निर्देश दिया।

वहीं मगरपाल छड़की में सड़क क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर कार्यपालक अभियंता को तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

एसडीओ स्तर पर भी लगातार निगरानी

जिलाधिकारी ने मढ़ौरा और सोनपुर के अनुमंडल पदाधिकारियों से क्षेत्र की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए लगातार चौकसी बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने को कहा।

तैयारी में कमी नहीं हो

जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। तटबंधों की निगरानी, आवश्यक सामग्री का भंडारण, संवेदनशील गांवों में माइकिंग, सुरक्षित निष्क्रमण की योजना और स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय रखने की पूरी व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए।

फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। गंडक में बढ़ते संभावित जलप्रवाह के बीच सारण के तटवर्ती इलाकों में अगले एक-दो दिन की स्थिति पर विशेष निगाह रखी जा रही है।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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