क्राइमबिहार

बिहार में सुरक्षा व्यवस्था होगी और हाईटेक, सार्वजनिक स्थलों पर लगेंगे पैनिक बटन

आपात स्थिति में बटन दबाते ही पहुंचेगी पुलिस और राहत टीम

पटना : बिहार में आम लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर जल्द ही पैनिक बटन लगाए जाएंगे, जिससे किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना, महिला उत्पीड़न, अपराध या अन्य संकट की स्थिति में तत्काल पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंच सकेगी। पैनिक बटन दबाते ही इसकी सूचना सीधे डॉयल-112 कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी और त्वरित कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

डॉयल-112 सेवाओं का होगा विस्तार

यह जानकारी बिहार पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में एडीजी (तकनीकी सेवाएं एवं संचार) अमित लोढ़ा ने दी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में डॉयल-112 सेवा को और अधिक प्रभावी तथा अत्याधुनिक बनाया जाएगा। इसके तहत रिस्पांस टाइम कम करने, वाहनों की संख्या बढ़ाने और प्रशिक्षित मानव बल की तैनाती पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

एडीजी ने बताया कि वर्तमान में डॉयल-112 का औसत रिस्पांस टाइम 11 मिनट है, जिसे और कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष डॉयल-112 की क्षमता में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। जल्द ही इसे देश की अग्रणी आपातकालीन सेवाओं में शामिल करने की तैयारी की जा रही है।

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उन्होंने बताया कि नेक्स्ट जेनरेशन इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (एनजीईआरएसएस) के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकों को भी जोड़ा जा रहा है। इसमें जीआईएस मैपिंग, विश्लेषण रिपोर्ट, पेट्रोलिंग मैनेजमेंट सिस्टम, सोशल मीडिया इंटीग्रेशन और फीडबैक मैकेनिज्म जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। भविष्य में इस सेवा को सीसीटीएनएस, रेलवे, एनएचएआई और पथ परिवहन विभाग समेत अन्य आपातकालीन सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा।

डॉयल-112 पर आ रहें है  प्रतिदिन औसतन 6500 कॉल

एडीजी अमित लोढ़ा ने बताया कि डॉयल-112 पर प्रतिदिन औसतन 6500 कॉल प्राप्त हो रहे हैं, जिनके माध्यम से लोगों को तत्काल सहायता दी जा रही है। 6 जुलाई 2022 से शुरू हुई इस सेवा के तहत अब तक 55 लाख से अधिक लोगों को मदद पहुंचाई जा चुकी है। महिला अपराध, घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटना, मारपीट और अगलगी जैसी घटनाओं में डॉयल-112 की भूमिका काफी अहम साबित हुई है।

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राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में हत्या के मामलों में 22 प्रतिशत, लूट की घटनाओं में 38 प्रतिशत और महिलाओं के खिलाफ अपराध में लगभग 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसमें डॉयल-112 की त्वरित कार्रवाई को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वर्तमान में डॉयल-112 सेवा में कुल 1833 वाहन कार्यरत हैं, जिनमें 1283 चार पहिया और 550 दो पहिया वाहन शामिल हैं। प्रेस वार्ता में डॉयल-112 के डीआईजी और एसपी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

डॉयल-112 सेवा से जुड़े प्रमुख आंकड़े

श्रेणीआंकड़े
सेवा शुरू होने की तिथि6 जुलाई 2022
प्रतिदिन औसतन कॉल6500
अब तक लाभान्वित लोग55 लाख से अधिक
वर्तमान रिस्पांस टाइम11 मिनट
क्षमता में वृद्धि15%
कुल वाहन1833
चार पहिया वाहन1283
दो पहिया वाहन550

विभिन्न मामलों में दी गई सहायता

घटना/मामलेसंख्या
घरेलू हिंसा, महिला एवं बच्चों से जुड़े मामले4,69,347+
स्थानीय विवाद, मारपीट एवं हिंसात्मक झड़प29,97,411+
अगलगी की घटनाएं1,30,394+
सड़क दुर्घटना के मामले2,39,339+

अपराध में कमी के आंकड़े

अपराध का प्रकारकमी
हत्या22%
लूट38%
महिलाओं के खिलाफ अपराध21%

Author Profile

Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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