अब बालगृह के बच्चे भी बनेंगे होटल मैनेजर और उद्यमी, 14 क्षेत्रों में मिलेगा फ्री प्रशिक्षण
कृषि, डेयरी, टूरिज्म, आईटी समेत 14 क्षेत्रों में मिलेगा मुफ्त प्रशिक्षण व रोजगार

पटना। घर-परिवार से बिछड़ चुके बालगृहों के बच्चों और युवाओं को अब आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है।
समाज कल्याण विभाग की राज्य बाल संरक्षण समिति ने 14 अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों में निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण देने और इसके बाद रोजगार दिलाने की विशेष कार्ययोजना तैयार की है।
मिशन वात्सल्य के तहत बाल देखरेख संस्थानों (बालगृहों) में रह रहे 16 से 18 वर्ष के किशोरों तथा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके केयर लीवर्स को उनकी रुचि के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद एजेंसियां इंटर्नशिप और प्लेसमेंट की पूरी व्यवस्था करेंगी। यह योजना पहले केवल होटल मैनेजमेंट तक सीमित थी, जिसमें 20 युवा बेंगलुरु के विभिन्न होटलों में कार्यरत हैं। तीन वर्ष पहले इसे स्थगित कर दिया गया था, जिसे अब विस्तारित रूप में जल्द शुरू कर लिया जाएगा।
बालगृहों से निकलने वाले युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार होटल मैनेजमेंट एवं हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज, टूरिज्म, फूड एंड बेवरेज प्रोसेसिंग, ब्यूटी एंड वेलनेस, कार्गो एवं लॉजिस्टिक्स, बिजनेस एंड बैंकिंग, कंप्यूटर ऑपरेटर, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, टेक्सटाइल/गारमेंट प्रोडक्शन, पर्यावरण प्रबंधन, रेफ्रिजरेशन एवं एसी, योग एवं पीटी इंस्ट्रक्टर तथा कृषि या डेयरी आधारित कोर्स में निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद चयनित एजेंसियां इन युवाओं की इंटर्नशिप से लेकर प्लेसमेंट तक की पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराएगी, जिससे बालगृहों से बाहर आने वाले युवा आसानी से आत्मनिर्भर बन सकें।
चयनित एजेंसियों को विभाग की ओर से कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी। वे इसे अपने सीएसआर फंड या स्वयं के संसाधनों से संचालित करेंगी।
प्रशिक्षण अवधि के दौरान युवाओं को 6 हजार से 8 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद एजेंसियां युवाओं को इंटर्नशिप के साथ-साथ प्लेसमेंट दिलाएंगी तथा पहली नौकरी लगने के बाद अगले दो वर्षों तक प्लेसमेंट सहायता भी उपलब्ध कराएंगी।
लड़कियों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल और वहां पहले से महिला कर्मचारियों की मौजूदगी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी। विभाग ने इच्छुक संस्थाओं को आवेदन के लिए आमंत्रित किए हैं, जिनके लिए न्यूनतम वार्षिक टर्नओवर 50 लाख रुपये होना आवश्यक है।
Author Profile

- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
Latest entries
पटनाMay 16, 2026अब बालगृह के बच्चे भी बनेंगे होटल मैनेजर और उद्यमी, 14 क्षेत्रों में मिलेगा फ्री प्रशिक्षण
पटनाMay 16, 2026अब दिव्यांगजनों के लिए पटना में चलेंगी 14 स्पेशल बसें, सीढियों की जगह होगा रैंप
पटनाMay 16, 2026अब किसानों को ईख मित्र ऐप से मिलेगी गन्ना खेती की जानकारी
क़ृषिMay 14, 2026Vegetable sales center: दूध के बाद अब सब्जी में भी ‘सुधा मॉडल’, किसानों के लिए सरकार की नई पहल







