छपरा

छपरा के युवा कवि प्रभात ने कविता के जरिए कराया गौरवशाली भारत का परिचय

हिंदी और भोजपुरी की मौलिक रचनाओं से सामाजिक सरोकारों को दे रहे आवाज

छपरा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत अपनी कविता के माध्यम से युवा कवि, पत्रकार और लेखक प्रभात किरण हिमांशु ने भारत के गौरवशाली अतीत, विविध सांस्कृतिक विरासत और बलिदान की परंपरा को शब्दों में पिरोया है। उनकी चर्चित रचना ‘गौरवशाली भारत’ में भारतीय इतिहास, अध्यात्म, संस्कृति और स्वतंत्रता संघर्ष की झलक देखने को मिलती है। कम शब्दों में देश के समृद्ध इतिहास और गौरवगाथा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने वाली यह कविता अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक वर्चुअल कवि सम्मेलन में पुरस्कार भी प्राप्त कर चुकी है।

छपरा शहर के रहने वाले प्रभात किरण हिमांशु लंबे समय से हिंदी और भोजपुरी में मौलिक लेखन कर रहे हैं। पत्रकारिता के साथ साहित्यिक सृजन से जुड़े प्रभात अपनी रचनाओं के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और देशप्रेम को स्वर देते रहे हैं। उनकी हिंदी और भोजपुरी कविताएं सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं।

इतिहास, अध्यात्म और बलिदान का संगम

‘गौरवशाली भारत’ कविता में कवि ने भारत को केवल एक भौगोलिक इकाई के रूप में नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सभ्यता, संस्कृति, ज्ञान और त्याग की भूमि के रूप में प्रस्तुत किया है। कविता की शुरुआत ही भारत के गौरवगान और उसकी अनंत गौरव कथाओं के सामूहिक स्मरण के आह्वान से होती है।

कवि ने महाभारत के युद्धक्षेत्र और श्रीकृष्ण के सारथी स्वरूप का उल्लेख करते हुए गीता के जीवन दर्शन को भारतीय संस्कृति की पहचान से जोड़ा है। वहीं भगवान बुद्ध के ज्ञान और भारतीय भूमि की आध्यात्मिक परंपरा को भी कविता में प्रमुख स्थान दिया गया है।

रावण के प्रसंग के माध्यम से कवि ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि भारतीय संस्कृति विरोधी विचारों में भी ज्ञान और प्रतिभा का सम्मान करना जानती है। इस तरह कविता में इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों को एक साथ पिरोने का प्रयास दिखाई देता है।

लक्ष्मीबाई, महाराणा और गांधी का स्मरण

कविता में भारत के स्वतंत्रता और संघर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए रानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों का स्मरण किया गया है। कवि ने इन विभूतियों के माध्यम से साहस, स्वाभिमान, त्याग और सत्याग्रह की भारतीय परंपरा को रेखांकित किया है।

कविता की पंक्तियों में भारतीय मातृभूमि के लिए हुए बलिदानों और देश की विविध संस्कृतियों के प्रति सम्मान की भावना प्रमुखता से उभरती है। यही वजह है कि रचना देशप्रेम को केवल भावनात्मक स्तर पर नहीं, बल्कि इतिहास और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का प्रयास करती है।

सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय हैं रचनाएं

प्रभात किरण हिमांशु की रचनाओं में देशभक्ति के साथ-साथ समाज और आम जनजीवन की संवेदनाओं को भी जगह मिलती है। हिंदी और भोजपुरी दोनों भाषाओं में उनकी मौलिक कविताएं पाठकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच पसंद की जाती हैं।

उनका मानना है कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने और लोगों के भीतर संवेदना जगाने का सशक्त माध्यम भी है। इसी सोच के साथ वे अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक मुद्दों और मानवीय भावनाओं को सामने लाने का प्रयास करते हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को संदेश

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रकाशित उनकी ‘गौरवशाली भारत’ कविता देशवासियों को अपनी विरासत, इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का संदेश देती है। कविता में बार-बार भारत के गौरव का स्मरण और सामूहिक रूप से उसके सम्मान का आह्वान किया गया है।

कवि के अनुसार, देश की समृद्ध परंपरा और बलिदानों की गाथाओं पर गर्व करना केवल अतीत को याद करना नहीं, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित करना भी है।

‘गौरवशाली भारत’ कविता

सम्मान भरे इन शब्दों से,
भारत का हम गुणगान करें,
गौरव कथाएं यहां हैं अनंत
आओ मिलकर आह्वान करें।

यहां रणभूमि में समर शंख,
गीता का सार सुनाते हैं,
यहां स्वयं विधाता सारथी बन
जीवन का मार्ग बताते हैं।

यह देह दान की धरती है,
यहां बुद्ध को शाश्वत ज्ञान मिला,
दस मुंडों के ज्ञानी को भी
मर्यादा से सम्मान मिला।

यहां सूर्य उतर कर धरती पर
बाधाओं से टकराया है,
लक्ष्मी, राणा और बापू बन,
अपना परचम लहराया है।

यहां बलिदानों का शिलालेख,
संस्कृतियों का है नव सुलेख,
इस मातृभूमि के कण-कण पर
फिर क्यों ना हम अभिमान करें।

गौरव कथाएं यहां हैं अनंत,
आओ मिलकर आह्वान करें,
भारत का हम गुणगान करें,
भारत का हम गुणगान करें…

प्रभात किरण हिमांशु
युवा कवि, पत्रकार एवं लेखक
छपरा, सारण, बिहार

Author Profile

Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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