Railway News: रेलवे की हाईटेक पहल, जीपीएस से लैस पेट्रोलमैन कर रहे ट्रैक की रियल-टाइम निगरानी
जीपीएस से लैस पेट्रोलिंग ने बदली रेलवे की तस्वीर

Chhapra News Desk: ठंड के मौसम में कोहरे और कम दृश्यता के बीच ट्रेन परिचालन को सुरक्षित एवं संरक्षित बनाए रखने के लिए रेलवे प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए रेलवे द्वारा ट्रैक सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रेलवे ट्रैक की रात्रिकालीन पेट्रोलिंग को और अधिक प्रभावी बनाया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
रेलवे प्रशासन ने पेट्रोलिंग व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त करते हुए रेलकर्मियों को ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) ट्रैकर उपलब्ध कराए हैं। जीपीएस से लैस पेट्रोलमैन अब निर्धारित ट्रैक सेक्शन पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं, जिससे न केवल उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आई है, बल्कि संरक्षा व्यवस्था भी पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।
पेट्रोलिंग के दौरान ट्रैक में किसी प्रकार की कमी, टूट-फूट, अवरोध या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अब तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जा सकती है। जीपीएस ट्रैकर के माध्यम से पेट्रोलमैन सीधे अपने संबंधित सुपरवाइजर से संपर्क कर सकते हैं, जिससे समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो पा रही है।
2686 जीपीएस ट्रैकर उपलब्ध
पूर्वोत्तर रेलवे पर कुल 2686 जीपीएस ट्रैकर उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें से वाराणसी मंडल को 1216 जीपीएस ट्रैकर प्रदान किए गए हैं, जिन्हें सक्रिय रूप से उपयोग में लाया जा रहा है। यह व्यवस्था खासतौर पर कोहरे और ठंड के मौसम में ट्रैक की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
इस जीपीएस उपकरण में तीन शॉर्टकट बटन दिए गए हैं, जिनके जरिए पेट्रोलमैन समय की जानकारी के साथ तुरंत कॉल कर सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली के माध्यम से पेट्रोलमैन की रियल-टाइम लोकेशन, पेट्रोलिंग की गति और कार्य की निरंतरता पर नजर रखी जा रही है।
ट्रैक सुरक्षा में गुणात्मक सुधार
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीकी पहल से न केवल ट्रैक सुरक्षा में गुणात्मक सुधार हुआ है, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में भी सहूलियत मिली है। रेलवे प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सर्दी के मौसम में यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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