UP में भी बेतिया राज संपत्तियों पर सख्त नियंत्रण, नई नियमावली से विवाद निपटान होगा आसान
175 एकड़ जमीन के प्रबंधन और विवाद निपटान की पारदर्शी व्यवस्था

पटना। बिहार सरकार ने बेतिया राज की संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि “बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाली नियमावली, 2026” के जरिए अब राज्य के बाहर, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में स्थित संपत्तियों के प्रबंधन और विवादों के निपटान के लिए स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों को ध्यान में रखते हुए इस नियमावली में विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि इन संपत्तियों का सुव्यवस्थित और कानूनी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
सरकार द्वारा लागू “बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाला अधिनियम, 2024 (बिहार अधिनियम 23, 2024)” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यह नई नियमावली तैयार की गई है। इसके तहत उत्तर प्रदेश में स्थित बेतिया राज की संपत्तियों से जुड़े मामलों के लिए सचिव, राजस्व परिषद को विशेष अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। यह अधिकारी संबंधित संपत्तियों पर आने वाली आपत्तियों की सुनवाई और निपटान करेंगे।
नई व्यवस्था के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को इन संपत्तियों को लेकर आपत्ति है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेगा। विशेष अधिकारी को बिहार में कार्यरत विशेष पदाधिकारी के समान अधिकार दिए गए हैं, जिससे निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
इसके अलावा, यदि कोई अधिभोगी (कब्जाधारी) संबंधित संपत्ति को पूर्ण स्वामित्व में बदलना चाहता है, तो उसे आवेदन करना होगा। इसके बाद संबंधित जिले के समाहर्ता द्वारा संपत्ति का मूल्य निर्धारित किया जाएगा। यदि यह मूल्य राजस्व परिषद को स्वीकार्य होता है, तो आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वहीं, यदि निर्धारित राशि जमा नहीं की जाती है, तो संबंधित जिला प्रशासन उत्तर प्रदेश के लागू कानूनों के तहत अधिभोगी को बेदखल कर संपत्ति का कब्जा सरकार को सौंपेगा।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस नई नियमावली का मुख्य उद्देश्य बिहार के बाहर स्थित संपत्तियों का भी पारदर्शी, कानूनी और समन्वित तरीके से प्रबंधन करना है, जिससे वर्षों से लंबित विवादों का समाधान संभव हो सके।
उत्तर प्रदेश में बेतिया राज की संपत्तियां (एकड़ में):
• इलाहाबाद – 26.56
• बस्ती – 6.21
• फैजाबाद (अयोध्या) – 1.86
• गोरखपुर – 50.92
• कुशीनगर – 69.59
• महाराजगंज – 7.53
• मिर्जापुर – 0.91
• वाराणसी – 11.95
कुल भूमि: 175.53 एकड़
Author Profile

- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
Latest entries
छपराMay 17, 2026सारण के इस गांव ने बदल दी वर्षों पुरानी परंपरा! मृत्यु भोज पर लगाया सामाजिक ब्रेक
पटनाMay 16, 2026अब बालगृह के बच्चे भी बनेंगे होटल मैनेजर और उद्यमी, 14 क्षेत्रों में मिलेगा फ्री प्रशिक्षण
पटनाMay 16, 2026अब दिव्यांगजनों के लिए पटना में चलेंगी 14 स्पेशल बसें, सीढियों की जगह होगा रैंप
पटनाMay 16, 2026अब किसानों को ईख मित्र ऐप से मिलेगी गन्ना खेती की जानकारी







