Automobiles: बिहार में ऑटोमोबाइल बूम! 4 साल में 10.90 लाख मोटरसाइकिलें हुईं रजिस्टर्ड
4 साल में ट्रैक्टर खरीद में हुई बड़ी बढ़ोतरी

पटना। बिहार में तेजी से बढ़ते ऑटोमोबाइल बाजार का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। परिवहन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों (2021-22 से 2024-25) के दौरान राज्य में वाहन रजिस्ट्रेशन में 38.53 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जहां वित्तीय वर्ष 2021-22 में 9,97,992 वाहन रजिस्टर्ड हुए थे, वहीं वर्ष 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 13,82,524 वाहनों तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा राज्य में वाहनों की बढ़ती मांग और उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता को दर्शाता है।
दोपहिया वाहन सबसे आगे
बाजार में सबसे अधिक मांग दोपहिया वाहनों की है। वर्ष 2024-25 में 10,90,189 मोटरसाइकिलों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि 2021-22 में यह संख्या 8,10,625 थी। यानी दोपहिया वाहनों का रुझान लगातार बढ़ रहा है और ये कुल रजिस्ट्रेशन का सबसे बड़ा हिस्सा हैं।
ई-रिक्शा और कृषि ट्रैक्टरों की बढ़ती लोकप्रियता
बिजली से चलने वाले ई-रिक्शा भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। 2024-25 में कुल 76,201 ई-रिक्शा रजिस्टर्ड किए गए, जो रोजगार और पर्यावरण–दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
वहीं कृषि ट्रैक्टरों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2021-22 में जहां 13,268 कृषि ट्रैक्टर रजिस्टर्ड हुए थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 19,932 तक पहुंच गई।
इसके अलावा, 2024-25 में 14,542 व्यावसायिक ट्रैक्टर और 24,692 मालवाहक वाहन भी पंजीकृत किए गए हैं।
चार वर्षों में वाहन रजिस्ट्रेशन का तुलनात्मक आंकड़ा
| श्रेणी | 2021-22 | 2024-25 | वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|
| कुल वाहन | 9,97,992 | 13,82,524 | 38.53% |
| मोटरसाइकिल (दोपहिया) | 8,10,625 | 10,90,189 | 34.53% |
| ई-रिक्शा | उपलब्ध नहीं | 76,201 | – |
| कृषि ट्रैक्टर | 13,268 | 19,932 | 50.23% |
| व्यावसायिक ट्रैक्टर | उपलब्ध नहीं | 14,542 | – |
| मालवाहक वाहन | उपलब्ध नहीं | 24,692 | – |
(नोट: “उपलब्ध नहीं” का अर्थ है कि उस वर्ष का श्रेणीवार आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया था।)
परिवहन और अर्थव्यवस्था पर असर
आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में वाहन खरीद की क्षमता बढ़ी है। ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर और ई-रिक्शा की मांग बढ़ना सीधे तौर पर कृषि और परिवहन सेवाओं की मजबूती की ओर इशारा करता है। वहीं शहरों में दोपहिया वाहन और मालवाहक गाड़ियों की संख्या बढ़ना रोजगार और व्यवसायिक गतिविधियों में तेजी का संकेत देता है।
परिवहन विभाग का मानना है कि आने वाले वर्षों में ई-वाहनों (EVs) की संख्या और बढ़ेगी, जिससे न सिर्फ बाजार का विस्तार होगा बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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