
पटना। अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया और ज्यादा पारदर्शी और टेक्नोलॉजी-आधारित होने जा रही है। परिवहन विभाग लर्निंग लाइसेंस (एलएल) की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब आवेदक को डीटीओ कार्यालय जाकर टेस्ट देने की आवश्यकता नहीं होगी। बल्कि वह घर बैठे, अपने लैपटॉप या साइबर कैफे से ऑनलाइन टेस्ट दे सकेगा। यही नहीं, टेस्ट में पास या फेल का निर्णय अब कोई अधिकारी नहीं बल्कि सॉफ्टवेयर स्वयं करेगा।
अब अधिकारी नहीं, सॉफ्टवेयर देगा अप्रूवल
अब तक लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन या कार्यालय में टेस्ट देने के बाद अंतिम अप्रूवल जिला परिवहन कार्यालय के अधिकारी द्वारा किया जाता था। लेकिन नयी व्यवस्था में इस प्रक्रिया को ऑटोमेट कर दिया गया है। परिवहन सचिव ने एनआईसी पटना के अधिकारियों को विभागीय सॉफ्टवेयर में यह नया प्रावधान लागू करने का निर्देश दिया है। इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि आवेदकों के आरोप-प्रत्यारोप और भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी समाप्त हो जाएगी।
आवेदक को एक ही मौका, फेल होने पर दोबारा शुल्क के साथ आवेदन
नये सिस्टम के तहत आवेदक को टेस्ट देने का केवल एक मौका मिलेगा। यदि सॉफ्टवेयर उसे फेल करता है, तो दोबारा टेस्ट देने के लिए उन्हें पुनः शुल्क के साथ आवेदन करना होगा। आवेदक चाहें तो अपने घर से या फिर नजदीकी साइबर कैफे में जाकर भी टेस्ट दे सकते हैं।
सॉफ्टवेयर करेगा बारीक मॉनिटरिंग
टेस्टिंग सॉफ्टवेयर इतना संवेदनशील और आधुनिक होगा कि छोटी-छोटी गलतियों को भी पकड़ लेगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद यदि आवेदक टेस्ट में फेल होते हैं, तो वह किसी भी तरह की गलती का दोष किसी अन्य व्यक्ति या सिस्टम पर नहीं मढ़ सकते। अब पूरा उत्तरदायित्व आवेदक का होगा।
पूरी प्रक्रिया होगी पारदर्शी और डिजिटल
परिवहन विभाग के अनुसार यह पूरी व्यवस्था अब केंद्रीकृत (Centralized) होगी। आवेदक को लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए विभागीय वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। टेस्ट से जुड़ा लिंक मोबाइल पर भेजा जाएगा, जिस पर क्लिक कर आवेदक टेस्ट दे सकेंगे। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और पेपरलेस होगी।
यातायात नियमों से संबंधित प्रश्नों की सूची वेबसाइट पर उपलब्ध
आवेदक की सुविधा के लिए विभाग की वेबसाइट पर पहले से ही यातायात नियमों से संबंधित संभावित प्रश्नों और उनके उत्तरों की सूची उपलब्ध है। इन्हीं सवालों में से टेस्ट के दौरान प्रश्न पूछे जाएंगे।
एक सप्ताह के बाद दोबारा आवेदन की सुविधा
अगर कोई आवेदक पहले प्रयास में असफल हो जाता है तो वह एक सप्ताह बाद पुनः आवेदन कर सकता है। इस बार भी उसे नई शुल्क राशि का भुगतान करना होगा।
इस बदलाव से क्या होंगे फायदे?
- आवेदक की जवाबदेही तय होगी।
- अधिकारी पर निर्भरता खत्म होगी।
- पारदर्शिता और जवाबदेही में बढ़ोतरी।
- घर बैठे आसान तरीके से टेस्ट देने की सुविधा।
- भ्रष्टाचार और दलाली पर रोक।
- तकनीकी रूप से अत्याधुनिक और फेयर सिस्टम।
| परिवहन विभाग के इस कदम को डिजिटल इंडिया के तहत एक और महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है, जिससे आम लोगों को सीधी सुविधा मिलने वाली है। यदि आप भी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो अब और भी आसान हो गया है । |
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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