खत्म हुआ प्रभु का ‘कानूनी वनवास’, मशरक में भक्ति और उल्लास के बीच निकला भव्य जुलूस
राम-जानकी शिव मंदिर से चोरी हुई थी मूर्ति

छपरा। आस्था, इंतजार और न्याय—तीनों के संगम का अनोखा दृश्य सोमवार को मशरक में देखने को मिला, जब वर्षों से ‘कानूनी प्रक्रिया’ में बंधी भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण जी की मूर्तियां आखिरकार अपने भक्तों के बीच लौट आईं। कोर्ट के आदेश के बाद जैसे ही मूर्तियां मंदिर समिति को सौंपी गईं, पूरा क्षेत्र जयघोष, भक्ति और उत्साह से गूंज उठा।
चोरी के बाद लंबे समय तक चला कानूनी प्रक्रिया
मालूम हो कि मशरक थाना परिसर स्थित राम-जानकी शिव मंदिर से कुछ समय पूर्व इन मूर्तियों की चोरी हो गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल मूर्तियों को बरामद किया, बल्कि आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा।
हालांकि, बरामदगी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक मूर्तियों को थाना के मालखाने में सुरक्षित रखा गया था, जिसके कारण श्रद्धालुओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
कोर्ट के आदेश पर मंदिर समिति को सौंपी गई मूर्तियां
सोमवार को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में डीएसपी संजय कुमार सुधांशु, थानाध्यक्ष रंजीत कुमार पासवान और अपर थानाध्यक्ष श्रवण कुमार पाल की मौजूदगी में सभी कागजी प्रक्रिया पूरी कर मूर्तियां मंदिर समिति को विधिवत सौंप दी गईं।
इसके बाद मंदिर परिसर से सुसज्जित रथ पर भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण जी को विराजमान कर भव्य नगर परिक्रमा निकाली गई।
भक्ति और उत्साह से गूंजा मशरक
जुलूस के दौरान पूरे मशरक में भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। श्रद्धालु ‘जय श्रीराम’ के नारों के साथ भाव-विभोर नजर आए। जगह-जगह लोगों ने फूलों की वर्षा कर अपने आराध्य का स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन के बीच निकले इस जुलूस में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए।
पुलिस पदाधिकारियों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर मंदिर समिति की ओर से डीएसपी समेत अन्य पुलिस पदाधिकारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में समिति के सदस्य जितेन्द्र सिंह, केदार सिंह, चन्द्रमा सिंह, दूधनाथ सिंह, विक्रमा सिंह, पुजारी टुन्ना बाबा, वार्ड पार्षद राजेश तिवारी, मुकेश कुमार सिंह, पूर्व मुखिया छोटा संजय, शिव कुमार राय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर बरामद की थीं मूर्तियां
डीएसपी संजय कुमार सुधांशु ने बताया कि मूर्ति चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मूर्तियों की बरामदगी कर ली थी और आरोपियों को जेल भेज दिया गया। न्यायालय के निर्देशानुसार अब मूर्तियां मंदिर समिति को सौंप दी गई हैं।
जल्द होगी प्राण-प्रतिष्ठा
मंदिर समिति के सदस्य चन्द्रमा सिंह ने जानकारी दी कि जल्द ही मूर्तियों की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा के लिए बैठक आयोजित कर तिथि की घोषणा की जाएगी।
लंबे इंतजार के बाद अपने आराध्य के पुनः दर्शन पाकर श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। यह आयोजन न केवल आस्था की जीत का प्रतीक बना, बल्कि प्रशासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय का भी संदेश दे गया।
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- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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