अब चमचमाती इकोनॉमिक AC LHB कोच में पूरी तरह से बदल जायेगी गरीब रथ सुपरफास्ट एक्सप्रेस

छपरा। छपरा जंक्शन से होकर चलने वाली सहरसा से अमृतसर गरीब रथ सुपरफास्ट नये लुक में चलेगी.आइसीएफ कोच से बदलकर गरीब रथ सुपरफास्ट नयी चमचमाती इकोनॉमिक एसी एलएचबी कोच में पूरी तरह से बदल जायेगी. आगामी आठ अगस्त से ट्रेन में अब सहरसा के यात्रियों को प्रीमियम ट्रेन जैसी सुविधा मिलेगी. यूं कहें कि पूरी ट्रेन नये एसी इकोनॉमिक कोच में बदल जायेगी. ट्रेन में कोच की संख्या के अलावा बर्थ में भी इजाफा होगा. आगामी सात अगस्त से अमृतसर से सहरसा के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन नये कोच के साथ रवाना होगी. वहीं आगामी आठ अगस्त से सहरसा से अमृतसर के लिए यात्रियों को गरीब रथ एक्सप्रेस नये कोच में प्रीमियम ट्रेन जैसी सुविधा मिलने लगेगी.
22 कोच एसी इकोनॉमिक एलएचबी आरक्षित श्रेणी की होगी
सहरसा अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस 22 कोच की होगी. इनमें सभी 22 कोच एसी इकोनॉमिक एलएचबी आरक्षित श्रेणी की होगी. इसके अलावा दो कोच पावर ब्रेक कार कोच होंगे. 22 कोच में कुल बर्थ की संख्या 1600 होगी.एलएचबी कोच लगने के बाद ट्रेन की स्पीड बढ़ेगी. पूरी तरह से एलएचबी कोच साउंड प्रूफ होगी.आइसीएफ कोच के मुकाबले एलएचबी कोच में यात्रियों को आधुनिक सुविधा मिलेगी. चेयर कार हटाने के बाद 10 कोच की ट्रेन में बढ़ोतरी होगी.
किराया में नहीं होगा अंतर
एसी इकोनॉमिक कोच के साथ गरीब रथ चलने के बाद किराये में कोई अंतर नहीं होगा. पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली सभी गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन को एलएचबी कोच में कंवर्ट कर दिया जायेगा.सहरसा अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन का सप्ताह में तीन दिन रविवार, सोमवार एवं गुरुवार को परिचालन होता है. वहीं जयनगर आनंद विहार गरीब रथ साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन को पहले ही अप्रैल महीने में एलएचबी कोच में कंवर्ट कर दिया गया है.सहरसा अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस वर्तमान में 18 कोच से चलायी जा रही है. इनमें 12 थर्ड एसी कोच व चार चेयर कार कोच है.
हटायी जायेगी चेयर कार:
सहरसा अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन में वर्तमान में चार एसी चेयर कार कोच लगाये जा रहे हैं.एलएचबी कोच में कंवर्ट होने के बाद चेयर कार कोच को हटा दिये जायेंगे. इसके बदले स्लीपर एसी इकोनॉमिक कोच लगायेजायेंगे. वहीं रेल अधिकारियों की मानें तो एलएचबी कोच में कंवर्ट होने के बाद पूरी ट्रेन में 352 सीट का इजाफा होगा. प्रत्येक कोच में बर्थ की संख्या बढ़ जायेगी. वर्तमान में जो गरीब रथ एक्सप्रेस चल रही है, सभी थर्ड एसी कोच में 72 से 78 सीट ही हैं.एलएचबी कोच लगने के बाद प्रत्येक कोच में 80 सीट होगी.
पहली बार 2005 में सहरसा से चली थी गरीब रथ एक्सप्रेस:
वर्ष 2005 में पहली बार तात्कालिक रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने सहरसा से नयी दिल्ली के रास्ते अमृतसर तक गरीब रथ ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. इस ट्रेन को चलाने का उद्देश्य यह था कि गरीब आदमी भी कम किराये में एसी में सफर कर सके. देश का सबसे पहली गरीब रथ एक्सप्रेस सहरसा से ही चली थी.
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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