अब मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के साथ सिटी सेंटर के रूप में विकसित होगा छपरा जंक्शन

छपरा। अब छपरा की तस्वीर पूरी तरह से बदल जायेगी। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अन्तर्गत आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर भारतीय रेल के प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। यह योजना दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ स्टेशनों के विकास की परिकल्पना करती है। इसमें ऐसे प्रत्येक स्टेशन पर आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये स्टेशन तक पहुँचने का मार्ग, सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल, प्रसाधन केंद्र, आवश्यकतानुसार लिफ्ट/एस्केलेटर, निःशुल्क वाई-फाई, ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिये कियोस्क के माध्यम से स्थानीय उत्पादों एवं हस्तशिल्पों को बढ़ावा, बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, एग्जीक्यूटिव लाउंज, व्यावसायिक बैठकों के लिये नामांकित स्थान आदि के लिये मास्टर प्लान तैयार कर चरणबद्ध तरीके से उनका कार्यान्वयन किया जा रहा है।
इस योजना में स्टेशन बिल्डिंग में सुधार, नगर के दोनों किनारों के साथ स्टेशन को एकीकृत करने, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, ‘दिव्यांगजनों’ के अनुकूल सुविधायें, पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था, आवश्यकता के अनुसार ‘रूफ प्लाजा‘, स्टेशनों को सिटी सेंटर के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। देश भर में 1,350 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश के 157 स्टेशन सम्मिलित हैं।
2,000 करोड़ की लागत से बदलेगी तस्वीर
पूर्वोत्तर रेलवे पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों पर विश्वस्तरीय यात्री सुविधायें उपलब्ध कराने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस योजना में दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ स्टेशनों का विकास किया जा रहा है। इसमें स्टेशन फसाड, सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधायें, प्रसाधन, आवश्यकतानुसार लिफ्ट/एस्केलेटर, चौड़े फुट ओवर ब्रिज (एफ.ओ.बी.), पार्किंग एवं हरित ऊर्जा का उपयोग कर पर्यावरण अनुकूल भवन इत्यादि अत्याधुनिक सुविधाओं में विस्तार हेतु योजना तैयार की गई है तथा चरणबद्ध तरीके से उनका कार्यान्वयन किया जा रहा है। स्टेशनों पर आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, एग्जीक्यूटिव लाउन्ज एवं अन्तर्राष्ट्रीय मानक के साइनेज का प्रावधान आदि सम्मिलित है। पूर्वोत्तर रेलवे पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अन्तर्गत 58 स्टेशनों का पुनर्विकास लगभग रू. 2,000 करोड़ की लागत से किया जा रहा है, जिसमें वाराणसी मंडल के 19 स्टेशन सम्मिलित हैं।
वाराणसी मंडल पर वाराणसी सिटी, बनारस, बलिया, आजमगढ़, देवरिया सदर, मऊ, सीवान, बेलथरा रोड, गाजीपुर सिटी, सलेमपुर, कप्तानगंज, भटनी, मैरवा, सुरेमनपुर, थावे, छपरा, एकमा, मसरख एवं खोरासन रोड स्टेशन प्रमुख हैं।
इन स्टेशनों का हो रहा है पुनर्विकास
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत वाराणसी सिटी को रू. 44.98 करोड़, बनारस को रू. 53.33 करोड़, बलिया को रू. 40.47 करोड़, आजमगढ़ को रू. 33.60 करोड़, देवरिया सदर को रू. 44.54 करोड़, मऊ को रू. 48.87 करोड़, सीवान को रू. 51.95 करोड़, बेलथरा रोड को रू. 12.83 करोड़, गाजीपुर सिटी को रू. 16.28 करोड़, सलेमपुर को रू. 11.50 करोड़, कप्तानगंज को रू. 18.91 करोड़, भटनी को रू. 42.62 करोड़, मैरवा को रू. 12.43 करोड़, सुरेमनपुर को रू. 17.50 करोड़, थावे को रू. 11.75 करोड़, एकमा को रू. 7.48 करोड़, मसरख को रू. 12.51 करोड़, खोरासन रोड को रू. 21.03 करोड़ की लागत से पुनविकर्सित किया जा रहा है।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- August 26, 2026करियर – शिक्षाJob Alert: छपरा में नौकरी का मौका, 20 शिक्षकों की होगी भर्ती, 14,500 रुपये वेतन के साथ रूम रेंट और बोनस भी
- August 26, 2026क्राइमBihar Crime News: बिहार में 3 अपराधियों को मिली फांसी की सजा, 124 को अभियुक्तों को उम्रकैद
- August 26, 2026छपराChhapra Crime News: सरयू नदी किनारे मिला 40 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का शव, पहचान में जुटी पुलिस
- August 26, 2026क्राइमChhapra Court News: एक दशक पुराने हत्याकांड के अभियुक्त को कोर्ट से मिली उम्रकैद की सजा



