Railway News: 415 फॉग सेफ डिवाइस से सुरक्षित होंगी ट्रेनें, रेलवे ने लोको पायलटों को दी सख्त चेतावनी
लाल सिग्नल पार किया तो भारी कार्रवाई

छपरा। सुरक्षित एवं संरक्षित रेल यात्रा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ ही इस क्षेत्र में कोहरे का प्रभाव बढ़ जाता है, जिसे ध्यान में रखते हुए ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से लोको पायलटों, सहायक लोको पायलटों एवं गार्डों की नियमित सेफ्टी काउंसलिंग की जा रही है।
वाराणसी जंक्शन स्थित क्रू लॉबी के सेमिनार कक्ष में मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन की अध्यक्षता में एक सेफ्टी सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (ऑपरेशन) धर्मेन्द्र यादव, मंडल विद्युत इंजीनियर (ऑपरेशन) एन.के. शुक्ला, क्रू लॉबी में कार्यरत लोको निरीक्षक, प्रशिक्षणरत लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट उपस्थित रहे।
कोहरे में सतर्कता सबसे जरूरी
सेमिनार के दौरान ट्रेनों के सुरक्षित संचालन से जुड़ी आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की गई। लोको पायलटों एवं सहायक लोको पायलटों को काशन के दौरान निर्धारित गति से अधिक रफ्तार पर गाड़ी न चलाने, अपने रूट के सभी सिग्नलों के प्रति विशेष सतर्कता बरतने तथा पूरी चौकसी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए।
विशेष रूप से SPAD (सिग्नल पास एट डेंजर) जैसी घटनाओं से बचने पर जोर दिया गया। बताया गया कि जब कोई ट्रेन खतरे के संकेत (लाल सिग्नल) को पार कर जाती है तो यह रेलवे में एक गंभीर संरक्षा चूक मानी जाती है, जिससे अन्य ट्रेनों या किसी बाधा से टक्कर की आशंका बढ़ जाती है।
SPAD रोकने के लिए विशेष अभियान
रेलवे की समग्र संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अचानक होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा SPAD की घटनाओं को रोकने के लिए गहन संरक्षा अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत सही सिग्नलिंग, ब्रेकिंग प्रक्रियाओं और मानक संचालन नियमों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
फॉग सेफ डिवाइस से बढ़ा भरोसा
सेमिनार को संबोधित करते हुए मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि कोहरे के दौरान सुरक्षित, संरक्षित और अपेक्षाकृत तेज ट्रेन संचालन में आधुनिक जीपीएस आधारित फॉग सेफ डिवाइस की अहम भूमिका है। इस डिवाइस के उपयोग से पहले की तुलना में अब ट्रेनों की अनुमेय गति बढ़ाई जा सकी है।
उन्होंने बताया कि फॉग सेफ डिवाइस के माध्यम से लोको पायलटों को आगामी सिग्नलों की जानकारी समय पर मिलती रहती है, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। वाराणसी मंडल में कुल 415 फॉग सेफ डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं।
विशेष निगरानी और पेट्रोलिंग
रेलवे प्रशासन द्वारा कोहरे से पहले और कोहरे के दौरान सुरक्षित एवं सहज परिचालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पटरियों की सतत निगरानी के लिए नियमित पेट्रोलिंग की जा रही है। कोहरे के कारण ट्रेनों की गति कम होने से लाइन क्षमता प्रभावित होती है, ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी रनिंग स्टाफ को सदैव सतर्क रहने की आवश्यकता है।
लोको पायलटों को निर्देश दिया गया कि वे संरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें, रोक सिग्नलों का मिलान करने के बाद ही आगे बढ़ें, ऑल राइट/ओके सिग्नलों का आदान-प्रदान पूरी सतर्कता से करें तथा जारी सतर्कता आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।
कर्मचारियों की समस्याओं पर भी चर्चा
सेमिनार के अंत में मंडल रेल प्रबंधक ने रनिंग कर्मचारियों की व्यवहारिक समस्याओं को लेकर संक्षिप्त परिचर्चा की और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित रेल संचालन में कर्मचारियों की भूमिका सबसे अहम है और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और कोहरे के मौसम में भी संरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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