छपरा में अंगीठी बनी काल: मासूमों के बाद अब मां की भी मौत, एक हीं परिवार में पांच मौत से मातम
एक कमरे में जली अंगीठी, बुझ गईं पांच सांसें

छपरा। शहर के भगवान बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत अंबिका कॉलोनी में ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में जलाई गई अंगीठी एक पूरे परिवार के लिए काल बन गई। अंगीठी से निकले जहरीले धुएं की चपेट में आकर हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार को पटना के रुबन अस्पताल में इलाज के दौरान 25 वर्षीय अंजलि उर्फ अमिषा की मौत के साथ ही इस हृदयविदारक घटना ने पूरे शहर को गहरे शोक में डुबो दिया।
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मृतका अंजलि, विजय सिंह की पत्नी थीं और अंबिका कॉलोनी निवासी स्वर्गीय राम लखन सिंह के परिवार की सदस्य थीं। उल्लेखनीय है कि बीते 27 दिसंबर की रात इस हादसे में अंजलि के तीन वर्षीय पुत्र तेजांश कुमार और नौ माह की पुत्री गुड़िया कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके अलावा उसी कमरे में सो रहीं 70 वर्षीय कमलावती देवी तथा आर्या सिंह की सात माह की पुत्री आद्या कुमारी ने अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया था।
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हादसे में गंभीर रूप से अचेत अवस्था में पाए गए 24 वर्षीय आर्या सिंह और 35 वर्षीय सोनू उर्फ अमित का इलाज फिलहाल पटना के रुबन अस्पताल में चल रहा है। दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 दिसंबर की रात सभी लोग स्वर्गीय राम लखन सिंह के घर के एक बंद कमरे में सो रहे थे। ठंड से बचने के लिए कमरे के अंदर अंगीठी जलाई गई थी। कमरे के पूरी तरह बंद होने के कारण अंगीठी से निकले धुएं ने पूरे कमरे को भर दिया, जिससे सोए अवस्था में ही सभी लोगों का दम घुटने लगा। इसी जहरीले धुएं की चपेट में आकर यह बड़ा हादसा हो गया।
घटना के बाद सभी को अचेत अवस्था में छपरा सदर अस्पताल लाया गया था, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने तीन मासूम बच्चों समेत चार लोगों को मृत घोषित कर दिया था। गंभीर रूप से झुलसी अंजलि को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया था, जहां तीन दिन तक चले इलाज के बाद उनकी भी मौत हो गई।
बंद कमरे में न करें अंगीठी या हिटर का प्रयोग
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर बंद कमरे में अंगीठी या किसी भी प्रकार के ईंधन का उपयोग करने के खतरे को उजागर कर दिया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से सतर्कता बरतने और ऐसे उपायों से बचने की अपील की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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