छपरा में प्रसव के बाद महिला और नवजात की मौत, आक्रोशित परिजनों ने किया सड़क कर प्रदर्शन
रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में दोनों की मौत

छपरा। सारण जिले के मशरक थाना क्षेत्र के डुमरसन में प्रसव के बाद एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत से सोमवार को आक्रोश फैल गया। परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही महिला और नवजात की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन शव लेकर अस्पताल परिसर पहुंचे और विरोध जताया। बाद में शव को NH-227A रामजानकी पथ पर रखकर आवागमन बाधित कर दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
मृतका की पहचान मशरक के बंगरा पंचायत के बंगरा वार्ड संख्या-3 निवासी बिट्टू यादव की पत्नी किरण देवी (21 वर्ष) के रूप में हुई है। किरण का मायका पानापुर थाना क्षेत्र के बेलौर गांव बताया गया है।
पहली बार प्रसव के लिए अस्पताल में कराया गया था भर्ती
परिजनों के अनुसार, किरण देवी पहली बार गर्भवती हुई थीं। प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें आशा कार्यकर्ता की सलाह पर डुमरसन में पेट्रोल पंप के समीप जगदीप पांडेय के मकान में संचालित बताए जा रहे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने अस्पताल का नाम डॉ. सोनल कुमार यादव के अस्पताल के रूप में बताया। परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद किरण ने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद महिला को अधिक रक्तस्राव होने लगा और उसकी स्थिति बिगड़ने लगी। अस्पताल से उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, लेकिन दूसरे स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। नवजात की भी मौत हो गई।
अस्पताल परिसर में शव लेकर पहुंचे परिजन
महिला और नवजात की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। वे दोनों के शव लेकर संबंधित अस्पताल परिसर पहुंचे और घटना के प्रति रोष जताया। इसके बाद परिजनों ने शव को NH-227A रामजानकी पथ पर रख दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क पर प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा।
तरैया विधायक ने समझाकर खुलवाया रास्ता
इसी दौरान उसी मार्ग से गुजर रहे तरैया विधायक जनक सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया और सड़क से हटने की अपील की। समझाने के बाद आवागमन शुरू कराया गया। विधायक की ओर से घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई।
स्थानीय लोगों ने अस्पताल के संचालन पर उठाए सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संबंधित निजी अस्पताल के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का दावा है कि अस्पताल का संचालन नियमों के विपरीत किया जा रहा था और पूर्व में सरकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां कार्रवाई के तहत छापेमारी भी की थी। हालांकि, अस्पताल के वैध या अवैध संचालन तथा पूर्व में हुई किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद यह सवाल जरूर उठ रहा है कि प्रसव कराने वाले निजी संस्थान में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और आपातकालीन उपचार की व्यवस्था थी या नहीं।
पुलिस ने शव कब्जे में लिया
घटना की सूचना मिलने के बाद मशरक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस पूरे मामले की परिस्थितियों की जांच कर रही है। महिला की मौत प्रसव के बाद अधिक रक्तस्राव की वजह से हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस अस्पताल की भूमिका, इलाज के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया और रेफर किए जाने की परिस्थितियों की भी जांच कर सकती है।
घटना ने फिर उठाए सुरक्षित प्रसव और निजी अस्पतालों की निगरानी पर सवाल
मशरक की इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षित प्रसव, प्रसव के दौरान आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और निजी स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव जैसी जटिल स्थिति में समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि महिला को किस स्थिति में अस्पताल लाया गया, प्रसव के बाद उसकी तबीयत कब और कैसे बिगड़ी, उसे कितनी देर में रेफर किया गया और रास्ते में उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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